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स्कूल से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक को कारण बताओ नोटिस

पत्रिका ने शिक्षक विहीन शाला का मामला उठाने के साथ देखी थी वास्तविक स्थिति  

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स्कूल से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक को कारण बताओ नोटिस

स्कूल से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक को कारण बताओ नोटिस

स्कूल से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक को कारण बताओ नोटिस
दतिया। शासकीय प्राथमिक विद्यालय भिल्ला हाल शासकीय प्राथमिक विद्यालय घूघसी में पदस्थ शिक्षक जमुना प्रसाद को संकुल प्राचार्य रामेश्वर साहू द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। शिक्षक को नोटिस जारी कर इस संबंध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

उल्लेखनीय है कि जिले में १३ शासकीय एवं प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं जो शिक्षक विहीन हैं। इन स्कूलों में पढ़ाने के लिए अतिथि शिक्षकों को नियुक्त किया गया है। पत्रिका ने इस संबंध में ०९ फरवरी २०२३ के अंक में स्कूलों में नहीं हैं शिक्षक, अतिथि शिक्षक गढ़ रहे बच्चों का भविष्य शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया गया था। खबर का प्रकाशन करने के बाद पत्रिका ने वास्तविक स्थिति जानने के लिए ०९ फरवरी को ही शिक्षक विहीन स्कूल शासकीय प्राथमिक विद्यालय घूघसी का भ्रमण किया। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि विद्यालय में संचालन के लिए जिस शिक्षक को व्यवस्था सौंपी गई है वह नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रहे। स्कूल का भ्रमण करने पर यह तथ्य भी सामने आया था कि स्कूल में दर्ज ६८ बच्चों में से कुछ बच्चों ने स्कूल में पढ़ाई न होने की बजह से पढ़ाई करने के लिए अपना नाम गांव में संचालित होने वाले एक निजी स्कूल में भी लिखवा रखा है। पत्रिका ने घूघसी प्राथमिक स्कूल का जायजा लेने के बाद १० फरवरी के अंक में सरकारी स्कूल में बच्चों के दर्ज हैं नाम, निजी स्कूल में पढ़ाई शीर्षक से खबर का प्रकाशन कर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया था।

वेतन भुगतान की पात्रता नहीं

पत्रिका द्वारा खबर प्रकाशित किए जाने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया है। खबर प्रकाशन के बाद संकुल प्राचार्य रामेश्वर साहू ने प्राथमिक शिक्षक को नोटिस जारी किया है। नोटिस में लिखा है कि आपके द्वारा शिक्षकीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया जा रहा है और न ही प्रभावी ढंग से छात्रों को शिक्षण देने में कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। बिना पूर्ण शिक्षण कार्य किए आपको वेतन भुगतान की पात्रता नहीं होती है तथा बिना शिक्षण कार्य के मात्र वेतन प्राप्त करने के उद्देश्य से ड्यूटी करने की औपचारिकता करना शासकीय सेवा का आधार नहीं है। शिक्षक को दिए गए नोटिस में लिखा गया है कि आपका यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम १९६५ के प्रावधानों का उल्लंघन की श्रेणी में आता है अत: क्यों न आपके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। शिक्षक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।