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ओलावृष्टि का जायजा लेने पहुंचे गृहमंत्री से लिपट कर रोने लगी महिलाएं

कहा हम बर्बाद हो गए, अब क्या होगा , कैसे पलेंगे बच्चे  

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ओलावृष्टि का जायजा लेने पहुंचे गृहमंत्री से लिपट कर रोने लगी महिलाएं

ओलावृष्टि का जायजा लेने पहुंचे गृहमंत्री से लिपट कर रोने लगी महिलाएं

ओलावृष्टि का जायजा लेने पहुंचे गृहमंत्री से लिपट कर रोने लगी महिलाएं
बसई(दतिया),बसई क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से अन्नदाता पर संकट के बादल छा गए। उस वक्त क्षेत्र के अजीब माहौल बन गया जब गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा खेतों पर पहुंचे। सूचना मिलने पर किसान और उनकी महिलाएं बच्चे इकट्ठा हो गए। कई महिलाएं तो गृहमंत्री से लिपट कर रोने लगीं। उनका कहना था कि अब हमारा क्या होगा। बच्चों को कैसे पांलेंगे। गृहमंत्री क्षेत्र के तमाम गांवों में पहुंचे।

ओलावृष्टि से किसानों पर संकट के बादल छा गए हैं। किसानों के मुताबिक 80 से 90 फीसदी तक नुकसानहै। हालांकि शनिवार को राजस्व की टीमों ने मुआयना तो किया पर वे बता नहीं सके कि कितना नुकसान है।जल्द रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया। नष्ट हुई फसलों को देखने प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा समेत अधिकारी मौके पर जा पहुंचे । मंत्री लखनपुर, बसई, ठकुरपुरा, जनकपुर, सतलोन, बरधुआं , सांकुली, नयाखेडा, उर्दना समेत अन्य गांवों में पहुंचे तो पहेल से ही गांव वाले उनके इंतजार में थे। उन्होंने खेतों में जाकर बालियां तक देखीं। फसलें पड़ी देखीं तो वे भी दुखी हो गए। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि चिंता की बात नहीं है। अधिकारी आकलन कर रहे हैं। भरपाई की जाएगी। हालात यह रहे कि किसान व महिलाएं गृहमंत्री से लिपट गए। उनका कहना था कि फसलों से ही उम्मीद थी । अब हम कैसे बच्चों को पालन पोषण करेंगे। गृहमंत्री ने किसानों को ढांढस बंधाया कि चिंता की बात नहीं है। सरकार उनके साथ है।

15 हजार से ज्यादा हेक्टेयर में खड़ी है फसलें

शुक्रवार की शाम बसई क्षेत्र के सभी 11 पंचायतों के गांवों में जमकर ओले बरसे। जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। जो फसलें हरी खड़ी हुई थीं वह जमीन पर गिर गईं। जो कटने के लिए खड़ी थी उनकी बालियां झड़ गई। यही नहीं जो कटी हुई रखी थी उनमें पानी भर गया। बताया है कि क्षेत्र में करीब 15 हजार हेक्टेयर में फसलें हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन और शासन किसानों के लिए क्या करता है।

कलेक्टर ने बनाई छह टीमें

ओलावृष्टि के बाद कलेक्टर संजय कुमार ने क्षेत्र में फसलों के नुकसान के सर्वे के लिए छह टीमें बनाई हैं। टीमों ने अलग-अलग क्षेत्र में जाकर मुआयना किया। हालांकि देर शाम तक वे नहीं बता सके कि कितना नुकसान हुआ है।

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अब तक ऐसे ओले कभी नहीं देखे।खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। अब हमारे पास आजीविका का कोई साधन नहीं ।

सुशील राजपूतकिसान ,उर्दना

उम्मीद थी कि फसल अच्छी हो जाएगी सब कुछ ठीक हो जाएगा लेकिन ओलों ने बर्बाद कर दिया। अब तो शासन- प्रशासन से उम्मीद है कि मदद करें।

हरपाल लोधी, किसान ,मानिकपुर

कांग्रेस नेता भी पहुंचे खेतों में

इधर कांग्रेस के वरिष्ठनेता नुकसान का जायजा लेने गांवों में पहुंच गए। प्रदेश महासचिव अशोक दांगी बगदा प्रदेश सेवादल के सचिव अम्बिका शर्मा ,भारत जोड़ो यात्रा के प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह परमार ,स्वामी शरण कुशवाहा , राजेंद्र व्याघ्र व अशोक श्रीवास्तव आदि ने ओला ग्र्सत गांवों का दौरा किया। नुकसान का जायजा लिया और किसानों से चर्चा की । नेताओं ने बताया कि शत प्रतिशत फसलों का नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन से शीघ्र मुवावजा देने की मांग की हे । चेतावनी दी की किसानों को शीघ्र समुचित राशि प्रदान नही की गई तो तहसील और जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन और गंभीर आंदोलन किया जाएगा।