
राजस्थान के दौसा जिले के रसीदपुर गांव में विगत कई दिनों से पेयजल समस्या बनी हुई थी। इसे लेकर जलदार विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों ने रसीदपुर निवासी प्यारेलाल कोली को सफाई करने के लिए सीढ़ियों के सहारे टंकी पर चढ़ा दिया और एक अन्य युवक के सहारे पानी में अंदर उतार दिया।
इस दौरान नीचे खड़े जलदाय कर्मियों ने पानी की टंकी का वॉल बंद नहीं किया और जैसे ही ऊपर पानी में प्यारेलाल कोली ने कचरा हटाया और पानी का प्रेशर पाइप में गया तो प्यारेलाल का पैर उसमें फंस गया। जिससे उसकी पानी में डूबने से मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही वहां पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद युवक को पानी से बाहर निकाल कर टंकी से नीचे उतारा। इस दौरान वहां से जलदाय कर्मी भाग खड़े हुए।
शव को ग्रामीण महुवा लेकर पहुंचे और पुलिस ने मृतक के शव को महुवा अस्पताल स्थित मोर्चरी में रखवाया। इसके बाद ग्रामीण व परिजन महुवा थाने के सामने एकत्रित हो गए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और 25 लाख का मुआवजा देने की मांग करने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही उपखंड अधिकारी लाखन सिंह गुर्जर, थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह सोलंकी, मंडावर थाना अधिकारी सचिन शर्मा सहित अन्य अधिकारी परिजनों से समझाइश करने पहुंचे।
इधर घटना को लेकर पूर्व प्रधान राजेंद्र मीणा अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया। वहीं थाने के बाहर परिजनों के साथ एडवोकेट भुवनेश त्रिवेदी, युवा नेता बनवारी सांथा भी डटे रहे। मृतक के परिजनों ने उपखंड अधिकारी लाखन सिंह को ज्ञापन सौंपा और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
Published on:
20 Sept 2023 08:44 pm
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