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दौसा बोरवेल हादसा: क्या गिरते समय चोट लगने से हुई आर्यन की मौत? जानिए पोस्टमॉर्टम के बाद क्या बोले डॉक्टर

Aryan Borewell News: 160 फीट गहरे बोरवेल में गिरे आर्यन को बचाया नहीं जा सका। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चिकित्सक ने अहम जानकारी दी।

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दौसा

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Suman Saurabh

Dec 12, 2024

dausa borewell rescue update Aryan died due to drowning, doctor said after post mortem

दौसा। 50 घंटे से ज्यादा की मशक्कत के बाद 160 फीट गहरे बोरवेल में गिरे आर्यन को बचाया नहीं जा सका। रेस्क्यू ऑपरेशन टीम ने तमाम प्रयास किए। अलग-अलग तकनीकों के जरिए कम समय में आर्यन तक पहुंचने की कोशिश की गई। इस दौरान करीब 56 घंटे गुजर गए। गुरुवार यानी 12 दिसंबर को रेस्क्यू टीम आर्यन को बोरवेल से निकालने में सफल रही, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

इस दौरान डॉक्टरों ने बताया कि आर्यन की मौत बोरवेल में गिरने के दौरान चोट लगने से नहीं हुई है। वह बोरवेल में फंसने के बाद जीवित था। बोरवेल में अचानक पानी का स्तर बढ़ने से आर्यन की मौत हुई। मासूम की सांस की नली में पानी भर गया था। शरीर में किसी तरह का फ्रैक्चर नहीं था।

मासूम की मौत के बाद परिवार व गांव में पसरा मातम

उल्लेखनीय है कि जिले के कालीखाड़ गांव की ढाणी डांगडा में सोमवार (9 दिसंबर) दोपहर करीब तीन बजे पांच वर्षीय मासूम आर्यन मीना पुत्र जगदीश मीना खेलते समय घर के पास स्थित एक खुले बोरवेल में गिर गया। मासूम 160 फीट गहरे बोरवेल में करीब 150 फीट पर वह अटका हुआ था। एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रही। बच्चे को बाहर निकालने के लिए करीब 56 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चला। बालक के मौत की खबर सुनकर माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि जगदीश मीना के चार बेटे और एक बेटी है। बोरवेल में गिरा आर्यन सबसे छोटा बेटा है।

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