विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए भारत निवाज़्चन आयोग ने मतदाता पहचान पत्र जारी कर रखे हैं, इसके बावजूद अधिकतर लोग इसका उपयोग कम करते हैं। ज्यादातर मतदाता पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड का उपयोग करते हैं। ऐसा ही मतदान दिवस 25 नवम्बर को जिले में हुआ है। निर्वाचन विभाग से मिली रिपोटज़् के अनुसार जिले में करीब 29.17 प्रतिशत मतदाता ही मतदाता पहचान पत्र लेकर पहुंचे, जबकि शेष मतदाताओं ने आधार कार्ड सहित अन्य निधाज़्रित दस्तावेज दिखाकर वोटिंग की।
पांचों विधानसभा सीटों पर 2 लाख 60 हजार 951 मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी पहचान पत्र लेकर पहुंचे। इनमें से बांदीकुई में 58 हजार 618, महुवा में 47 हजार 19, सिकराय में 46 हजार 656, दौसा 53 हजार 830 एवं लालसोट में 54 हजार 828 मतदाता पहचान पत्र लेकर पहुंचे।
गौरतलब है कि मतदाता वोटर आईडी (इपिक कार्ड) के अतिरिक्त भी चुनाव आयोग द्वारा मान्य किए गए 12 प्रकार के दस्तावेजों को दिखाकर मतदान किया जाता है। इनमें आधार कार्ड, फोटोयुक्त पासबुक (बैंक या पोस्ट ऑफिस), पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, लेबर कार्ड, सेवा पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वास्थ्य बीमा कार्ड, पेंशन दस्तावेज एमपी, एमएलए, एमएलसी द्वारा जारी आईडी कार्ड, एनपीआर-आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड आदि शामिल है।
ये अन्य दस्तावेज लेकर आए
जिले के कुल 6 लाख 33 हजार 366 मतदाता अन्य फोटोयुक्त पहचान पत्र लेकर पहुंचे। इनमें से बांदीकुई में 119020, महुवा में 110660, सिकराय में 134974, दौसा 126544 एवं लालसोट में 1 लाख 42 हजार 168 मतदाता अन्य फोटो युक्त पहचान पत्र लेकर पहुंचे।
पर्चियों से हुई आसानी
मतदान के लिए बीएलओ ने घर जाकर बारकोड युक्त पर्चियों वितरित की थी, ताकि लोगों को वोट डालने में दिक्कत नहीं आ सके। इससे लोगों को सुविधा मिली। मतदाताओं ने सीधे घर से केन्द्र में आकर मतदान कर दिया। बाहर प्रत्याशियों के काउंटर पर नहीं जाना पड़ा और ना ही मतदान केन्द्र के बारे में पता लगाने में दिक्कत हुई।