
दौसा. जगद्गुरू रामानंदाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के अध्यक्ष गोपीनाथ शर्मा ने कहा कि देश की संस्कृति को बचाने, माता पिता की सेवा, गुरुजनों व बड़ों का सम्मान करने के लिए युवा पीढ़ी को जागरूक करें। संस्कृत व ज्योतिष के बारे में युवाओं की जानकारी बढ़ाने लिए भी इस तरह के आयोजन करते रहना चाहिए।
वे राजस्थान संस्कृत अकादमी एवं प्रसस्वी टी.टी. कॉलेज के सयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिष संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
इससे पहले अतिथियों ने मां शारदे के चित्र के समक्ष दीप जलाकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संगोष्ठी की शुरुआत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सेवा भारती के संगठन मंत्री मूलचंद सोनी ने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति की और आकर्षित हो रही है, जो गलत है। हमें जन्मदिन मोमबत्ती बुझाकर नहीं, दीपक जलाकर मनाना चाहिए। ताकि लोगों को अपनी गौरवपूर्ण संस्कृति की जानकारी मिल सके। इस संगोष्ठी में हमें संस्कृत भाषा व अपनी संस्कृति के विकास का संकल्प लेना चाहिए।
ज्योतिषाचार्य पुरुषोतम गौड़ ने कहा कि मनुष्य को पाश्चात्य संस्कृति को छोड़कर प्राचीनकाल से चली आ रही भारतीय सभ्यता व संस्कृति को अपनाना चाहिए। संस्कृति व सभ्यता से ही देश की पहचान है। उन्होंने सूर्य एवं ज्योतिषीय विषय को लेकर शोध पत्र पढ़ा। विशिष्ट अतिथि संस्कृत विश्वविद्यालय योग विभाग के अध्यक्ष शत्रुघ्न शर्मा, संत रमेश, डॉ. प्रेमसिंह पं. हरि प्रसार शर्मा ने भी ज्योतिष को लेकर विचार व्यक्त किए।
कॉलेज प्राचार्य रोहिताश्व यादव ने कहा कि दो दिवसीय संगोष्ठी में अतिथियों द्वारा ज्योतिष के विषय में शोध व अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी। कॉलेज निदेशक देवनारायण जैमन, अरविंद जैमन ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी रामनिवास शर्मा, मनीषा शर्मा, रेलवे स्कूल प्रधानाचार्य गोपाल अग्रवाल, विवेकानंद स्कूल प्रधानाचार्य अरविंद शर्मा, देवीसहाय शर्मा, विष्णु शर्मा, द्वारकेश वशिष्ठ, दामोदर शर्मा आदि मौजूद थे।
Published on:
18 Mar 2018 09:29 am
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