6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान का हर वर्ग त्रस्त, कुर्सी बचाने में लगे सीएम: रामलाल

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व चौमूं विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की सरकार को चार वर्ष हो गए हैं फिर भी प्रदेश में हर वर्ग के लोग पीड़ित हैं।

2 min read
Google source verification

दौसा

image

Santosh Trivedi

Nov 29, 2022

ramlal_sharma.jpg

दौसा। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व चौमूं विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की सरकार को चार वर्ष हो गए हैं फिर भी प्रदेश में हर वर्ग के लोग पीड़ित हैं। उन्होंने दावा किया कि चार वर्षों में प्रदेश पर 1,50,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर्जा हो गया है। सीएम सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने का काम कर रहे हैं । शर्मा जन आक्रोश यात्रा को लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि जनाक्रोश यात्रा पूरे प्रदेश में निकाली जाएगी, जिसकी संगठन द्वारा पूरी तैयारियां कर ली गई है। जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्र में 200 चौपाल और 200 से ज्यादा नुक्कड़ सभाओं का आयोजन भी होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चुनावी घोषणा पत्र में जो वादे किए थे वह वादे पूरे नहीं किए।

यह भी पढ़ें : गहलोत और पायलट की लड़ाई को लेकर मुरारीलाल मीणा का बड़ा बयान

पिछले 4 वर्षों में प्रदेश में 8 लाख 31000 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हुए। महिलाओं पर अत्याचार के एक लाख 61 हजार से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए और 27000 से ज्यादा दुष्कर्म की घटनाएं हुई।

प्रदेश प्रवक्ता शर्मा ने बताया कि चुनाव के समय किसानों से कर्ज माफी का वादा किया था वह सरकार भूल गई है। आज प्रदेश में किसानों की दशा दयनीय है । कांग्रेस के चुनावी वादे से ठगे गए पैरा टीचर, संविदा कर्मी ,सीएचए कर्मचारी सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर हैं।

यह भी पढ़ें : राजस्थान में सियासी तूफान: गहलोत के बयान के बाद आलाकमान ले सकता है बड़ा फैसला

इस दौरान संगठन प्रभारी शैलेंद्र भार्गव, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ.प्रभु दयाल शर्मा, जिला उपाध्यक्ष शिव कुमार शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष मुरारी धोकरीया, शहर अध्यक्ष विपिन जैन, पूर्व जिला अध्यक्ष अभय शंकर शर्मा, सत्यनारायण साहरा, पूर्व आईपीएस कैलाश मीणा, पूर्व जिला महामंत्री राजेंद्र शर्मा, शहर उपाध्यक्ष अभिषेक मोदी, श्रवण होदायली आदि मौजूद रहे।