इस तैयारी में ठीकरिया गांव के सरकारी संस्कृत स्कूल में कार्यरत शिक्षक मां चेतना गुप्ता ने पूरा सपोर्ट किया। अहमदाबाद निवासी मां चेतना ने बताया कि बाबा नीलकंठ से प्रार्थना की थी, बाबा ने मेरी प्रार्थना सुन ली। अब बेटी को वहां लेकर जाऊगी। बेटी ने कभी ट्यूशन नहीं किया। पढाई नियमित करती थी। मेरे तीन बेटियां है बड़ी बेटी ना तो आज पहला सपना पूरा कर दिया।जयपुर में निजी प्रतिष्ठान में कार्यरत नंदिनी के पिता नरेन्द्र विजय, दादा सीताराम विजय, दादी कलावती ने हमेशा सकारात्मक रखा।