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Dausa District Foundation Day: दौसा में रेल और हाईवे का खूब हुआ विकास, जयपुर-दिल्ली की नजदीक होने का मिला सबसे ज्यादा फायदा

Dausa News: दस अप्रेल 1991 को दौसा को जिला बनाया गया था। जिला बनने के बाद दौसा का तेजी से विकास हुआ। सबसे ज्यादा कार्य रेल व राजमार्ग का हुआ।

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दौसा

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Anil Prajapat

Apr 10, 2026

Dausa District Foundation Day

एक्सप्रेस वे पर गुजरते वाहन। फोटो: पत्रिका

दौसा। दस अप्रेल 1991 को दौसा को जिला बनाया गया था। जिला बनने के बाद दौसा का तेजी से विकास हुआ। सबसे ज्यादा कार्य रेल व राजमार्ग का हुआ। जैसे दिल्ली के निकट हरियाणा के गुरुग्राम का विकास हुआ है, उतना तो नहीं लेकिन कुछ उसी प्रकार से जयपुर के निकट होने से दौसा का विकास हो रहा है।

अब तो दौसा से मुम्बई व दिल्ली जाना आसान हुआ है। बड़े एक्सप्रेस वे, मेगा हाईवे, नए राजमार्ग दौसा के विकास को रफ्तार दे रहे हैं। राजधानी जयपुर को जोड़ने के लिए नया लिंक रोड बन गया है। इससे जयपुर जाने में समय कम लग रहा है।

नई रेल चल रही है। जो रेल पहले नहीं रुकती थी, वे भी दौसा व बांदीकुई में रुकने लगी है। लालसोट भी रेलवे से जुड़ गया है। लॉजिस्टिक हब का कार्य भी जल्द शुरू होगा। इसके बाद बड़े कारखाने दौसा में खुलने लगेंगे।

सिंथेटिक ट्रेक व एकेडमी की कमी

खेलों का माहौल बनाने के लिए सबसे जरूरी है। मैदान, कोच व उपकरण की बेहतर व्यवस्था। एथलेक्टिस सभी खेलों का बेस रहता है, लेकिन दौसा जिले के जनप्रतिनिधियों ने व यहां के अफसरों ने कभी ना तो सिंथेटिक ट्रेक बनवाया ना ही एकेडमी के लिए ठोस प्रयास किए। जिला स्टेडियम के हाल चिंताजनक है। यहां जगह-जगह गंदगी का आलम है।

पहले संविदा पर कोच लगे थे, उनको भी हटा दिया गया है। खिलाडि़यों की शिकायत रहती है कोच जिला स्टेडियम में कभी कभार ही दिखाई देते हैं। पूरे जिले में एक भी खेल एकेडमी नहीं है। यहां कभी नेशनल लेवल के ऑफिशियल टूनामेंट (आईओसी से मान्यता प्राप्त) नहीं हो रहे। साई के सेंटर भी नहीं हैं।

जयपुर से पुराना है दौसा

इतिहासकार सुआलाल तिवाड़ी ने बताया कि हमारा दौसा जयपुर से भी ज्यादा पुराना है। कछवाहा वंश की कीर्ति पताका फहराने वाले दुल्हेराय की कर्मभूमि की कहानी आज भी दौसा के किले की दीवारें बयां करती है। मिर्जा राजा जयसिंह का बाल्यकाल दौसा में ही बीता। जब दौसा जिला नहीं बना था तब भी इसे लोकसभा सीट बना दिया गया था। यहां मेहंदीपुर बालाजी, आभानेरी की चांद बावड़ी, नीलकंठ महादेव, पपलाज माता, झाझीरामपुरा सहित अनेक धार्मिक व पर्यटक स्थल प्रसिद्ध हैं।

आज के कार्यक्रम

-प्रात: 8 बजे जिला परिषद, कलक्ट्रेट, नेहरू गार्डन, टाउन हॉल व आरके जोशी स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता।
-11 बजे से नेहरू गार्डन में मेला तथा रस्साकस्सी एवं चम्मच दौड़।
-शाम 7 बजे टाउन हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम।