
लालसोट की थोक सब्जी मंडी में आढ़तियों के यहां बिकने पहुंची सब्जियां।
दौसा. गत सप्ताह से लालसोट क्षेत्र में जारी कड़ाके की शीतलहर के दौरान गिरे पाले की मार अब आमजन की रसोई तक जा पहुंची है। इस बार गिरे पाले ने क्षेत्र में कई सब्जियों की फसल को पूरी तरह तबाह कर दिया है। एसे में लालसोट की थोक सब्जी मंडी में इन दिनों सब्जियों की आवक आधी से भी कम रह गई है और इनके दाम डेढ़ से दो गुना तक बढ़ गए है। थोक मंंडी में सब्जियों के दाम बढऩे का असर खेरूज मंडी होते हुए आम लोगों की जेब तक पहुंचा गया है। इससे इस सर्द मौसम में रसोई का बजट भी गड़बड़ा सकता है। गौरतलब है कि क्षेत्र में जारी शीत लहर के प्रकोप के दौरान गत दिनों दो रात्रि तक जमकर गिरे पाले ने खेतों में मौजूद टमाटर, मिर्च, बैंगन और मटर की अधिकांश फसल को चौपट कर दिया। पाला गिरने से फसलों में हुए खराबे का असर थोक सब्जी मंडी में हो गया। आढ़तिए भागचंद सैनी, शंभूलाल सैनी, चंदालाल सैनी, पदम फड़कल्या एवं अशोक व्यास समेत कई आढतियों ने बताया कि गत सप्ताह की शुरुआत मेें मंडी में गोबी, बैंगन, टमाटर, मिर्च एवं मटर की बंपर आवक शुरू हो चुकी थी। टमाटर की आवक पांच सौ केरेट तक पहुंच चुकी थी। यह पाले की मार के बाद यह घटकर दौ सौ केरेट तक आ गई है। यहीं हाल बैगन, मिर्च व मटर का हो रहा है। सर्दी का प्रकोप बढऩे से गोबी की फसल भी लेट हो गई है। आवक कम होने के चलते अब मंडी में सब्जियों के दाम भी दोगुना तक बढ गए है। गत सप्ताह तक थोक में 10 से 15 रुपए किलो तक बिकने वाली गोबी अब 30 से प्रति किलो जा पहुंची है। टमाटर दस से पन्द्रह रुपए किलो तक जा पहुंचा है, मटर के दाम भी बढ़कर 30 रुपए किलो तक जा पहुंचे है। इसके अलावा मंडी में नए आलू की आवक शुरू होने से पुराने आलू के दाम भी औधें मुंह गिर गए हैं।
घटने के बजाए बढ़ गए दाम
आम तौर पर हर साल दिसम्बर माह के अंत में शीत लहर का प्रकोप बढऩे के साथ ही थोक व खेरूज मंडियों में सब्जियों के दाम भी घटने लगते थे और आम जन की रसोई तक भी सब्जियां भरपूर मात्रा में पहुंचती थी, लेकिन इस बार पाले की मार से सब्जियों के दाम घटने के बजाए बढ़ गए है। आढ़तियों ने बताया कि पाले की मार से सब्जियों की गुणवत्ता पर भी गहरा असर पड़ा है। आढ़तियों का मानना है कि अब भाव कम होने की आंशका कम है। कुछ तापमन बढने पर गोबी की आवक दोबारा बढ़ेगी। टमाटर की नई फसल को आने में अभी थोड़ा वक्त लगेगा। मटर की फसल तो पूरी तरह खराब हो चुकी है। ऐसे में अन्य मंडियों से आने वाली सब्जियां महंगी ही रहेगी।
किसानों ने खेतों से उखाड़ दी फसल
जिस सब्जी की फसल की किसान ने बड़ी मेहनत के साथ तैयार की थी,अब पाले की मार के बाद किसान उसी फसल को अपने हाथों से उखाडऩे पर मजबूर है। सब्जी उत्पादक किसानों ने बताया कि पाले ने उनकी कई माह की मेहनत पर पानी फेर दिया है। सब्जियोंं के उत्पादन में बीज से लेकर कीटनाशक तक खर्चा ही खर्चा है, जब फसल पकी तो पाले ने बेकार कर दिया है। ऐसे में उन्हें लाखों रुपए का नुकसान हो गया है।
सब्जी थोक मंडी खेरुज मंडी
गोबी 30 40
टमाटर 15 30
मिर्च 20 30
मटर 30 40
बैंगन 15 30
हरा धनिया 25 40
मूली 4 10
पालक 5 10
गाजर 10 20
बालोड़ 25 40
पत्ता गोबी 30 40
शकरकंदी 20 30
आलू 4 8 से 15
Published on:
25 Dec 2021 10:44 am

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