
बांदीकुई(बड़ियाल कलां)। राज्य सरकार भले ही किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर चने के बीज उपलब्ध कराने का ढिंढोरा पीट रही हो, लेकिन हकीकत कोसों दूर है। स्थिति यह है कि किसानों को न तो डीएपी खाद मिल रदा है और ना ही चने का बीज। शनिवार को किसानों का हुजूम चना बीज के परमिट प्राप्त करने के लिए कृषि अधिकारी कार्यालय पर उमड़ पड़ा। जहां किसानों में परमिट लेने को लेकर कई बार धक्का मुक्की हुई।
कई किसान तो पसीने से तरबतर हो गए। महिला किसानों को भी कई बार धक्की-मुक्की का सामना करना पड़ा। किसानों ने बीज वितरण में धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। बाद में बांदीकुई थाने से पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
कृषि अधिकारियों का कहना है कि डिमांड 2500 कट्टों की थी। उसमें से दस गुना कम मात्र 250 कट्टे ही पहुंचे। वर्तमान में कम पानी के उत्पादन वाली फसलें जैसे चना, सरसो आदि की बुवाई का कार्य शुरू हो चुका है। जहां सरकार की ओर से चना बुवाई के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
चना बीज आने की सूचना मिली तो बांदीकुई सहित दूर दराज के महिला-पुरुष किसान सुबह से ही पंचायत समिति परिसर स्थित कृषि कार्यालय पहुंच गए। जहां परमिट के लिए लंबी लाइन लग गई। किसानों में पहले परमिट लेने के लिए कई बार धक्का मुक्की हुई। कुछ महिला एवं बुजुर्ग किसान तो नीचे थककर बैठ गए।
कुछ किसान चैनल गेट के ऊपर तक चढ गए। जहां अंदर बैठे कर्मचारियों ने परमिट दिए। किसानों ने आरोप लगाया कि बीज वितरण में धांधली हो रही है। चहेतों को पहले बीज देने की बात कही। इनमें कुछ किसान तो ऐसे थे जो पूर्व में भी बिना बीज लिए लौट गए और शनिवार को भी बीज नहीं मिला।
समिति पर किसानों का हंगामा बढ़ता देख बांदीकुई पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझा बुझाकर मामला शांत किया। महिला-पुरुष किसानों की अलग अलग लाइन लगाकर व्यवस्था सुचारू कराई। इस दौरान पंचायत समिति परिसर एवं क्रय विक्रय सहकारी समिति कार्यालय के बाहर वाहनों का जमघट लग गया।जिन्हे परमिट मिले, उन्हें क्रय विक्रय से बीज उपलब्ध कराए गए। किसानों ने बताया कि यहां 59 रुपए के हिसाब से कट्टा मिल रहा है। जबकि बाजार में 100 से 109 रुपए बिक रहा है।
पूंदरपाडा से आए किसान धर्मसिंह ने बताया कि वह अस्वस्थ है तथा सुबह करीब 6 आ गया लेकिन अभी 11 बजे तक नंबर नहीं आया। खेडी निवासी रामेश्वर ने बताया कि पूर्व में भी वह घंटों लाइन में खडा रहने के बाद भी निराश लौट गया और शायद अब भी निराशा हाथ लगेगी। दुलावा के विश्राम ने बताया कि सरकार को बीज वितरण की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। दूरदराज से पेट्रोल खर्च करके आए हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है। खूंटला निवासी शेर सिंह का कहना था कि उसके पैर में फ्रैक्चर है। रॉड डली हुई है, लेकिन वह अपने बच्चे को साथ लेकर आया है। उसे लाइन में लगाया है। अन्य कई किसान भी तौलिये से पसीने पोछते नजर आए तथा पानी की तलाश में भटकते दिखाई दिए।
चने के बीजों की डिमांड 2500 भिजवाई गई थी, लेकिन 250 कट्टे आए हैं। जहां शनिवार को उपखंड अधिकारी रामसिंह राजावत के निर्देशन में कृषि विभाग एवं क्रय विक्रय सहकारी समिति के तत्वावधान में चने के बीजों का वितरण किया गया था। कट्टे कम आने से परेशानी होना स्वभाविक हेै। किसानों को वरीयता अनुसार बीज वितरण किए गए हैं।
उदलसिंह गुर्जर सहायक कृषि अधिकारी बांदीकुई।
Updated on:
20 Oct 2024 03:49 pm
Published on:
20 Oct 2024 03:17 pm
बड़ी खबरें
View Allदौसा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
