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नहीं मनेगी भाईदूज, नहीं होगी गोद भराई, नहीं मना सकेंगे जन्मदिन, डीजे भी बंद, शादी को लेकर भी सख्त नियम…महापंचायत में लिए गए बड़े फैसले

Meena Mahapanchayat bans wasteful rituals: अगर गांव के पंच.पटेल नियमों को मनवाने में असमर्थ रहेंगे तो उनके खिलाफ भी मीणा समाज कठोर निर्णय लेने के लिए बाध्य होगा।

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दौसा

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Jayant Sharma

Feb 06, 2025

file pic panchyat

Meena Mahapanchayat: मीणा समाज ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और सुधार की दिशा में कई बड़े निर्णय लिए हैं। इसके लिए दौसा जिले के महवा के समलेटी स्थित मीनेष भगवान मंदिर पर आदिवासी मीणा सेवा संघ के तत्वावधान में समाज सुधार को लेकर महापंचायत का आयोजन किया गया।

मीणा सेवा संघ के तहसील अध्यक्ष पूर्व प्रधान शिव प्रसाद मीणा की अध्यक्षता में आयोजित हुई महापंचायत में सामाजिक कुरीतियों को लेकर समाज के पंच पटेलों ने अपने.अपने विचार व्यक्त किए। जिसमें तय किया गया कि समाज हित में जो निर्णय लिए गए हैं, यदि उनकी पालना नहीं करने पर संबंधित गांव के पंच.पटेलों को जिम्मेदारी देते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर निर्णय लेने का प्रावधान रखा गया है। अगर गांव के पंच.पटेल नियमों को मनवाने में असमर्थ रहेंगे तो उनके खिलाफ भी मीणा समाज कठोर निर्णय लेने के लिए बाध्य होगा।

ये फैसले नहीं मानने पर होगी कार्रवाई
’ लड़की की गोद भराई रस्म को पूर्ण रूप से बंद किया गया है।
’ टीका प्रथा में सीमित व्यक्ति ही पहुंचेंगे।
’ अब शादियां दिन में की जाएंगी।
’ जन्मदिन मनाने पर पूर्ण पाबंदी की गई है।
’ दूल्हे की निकासी, घोड़ी चढ़ाई, पैदल यात्राएं, कुआं पूजन सभी में डीजे बंद किया गया है।
’ शादियों में निमंत्रण पत्रों को सोशल मीडिया व फोन के जरिए भेजा जाएगा और घर पहुंचाने पर पाबंदी होगी।
’ भैया दूज मनाने पर भी समाज के लोगों ने पाबंदी लगाई है।
’ सोशल मीडिया पर अश्लील रील व अश्लील वीडियो पोस्ट करने वालों पर भी समाज ने पाबंदी लगाई है।
’ किसी व्यक्ति की मौत हो जाने के दिन वहां पर एक धोती लेकर संबंधित व्यक्ति पहुंचेगा।
’ बहन.बेटियों के विवाह में भात पहरानवी के बाद तिलक करते समय भाइयों को नारियल.बताशे नहीं देंगे।
’ शादी समारोह में तोरण के समय आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगाया गया है।
’ समाज में होने वाले अंधविश्वासए पाखंडवादए यज्ञए पैदल यात्राएं व भंडारों पर भी प्रतिबंध रहेगा।
’ युवा पीढ़ी जो नशे की ओर अग्रसर हो रही है उस पर भी प्रतिबंध रहेगा।
’ गंगा स्नान करके आने पर जो बहन.बेटियों की पहरावनी पर रोक लगाई गई।
’ सगाई के लिए लड़की देखने के लिए बेटा पक्ष अपने बेटे को साथ लेकर दोनों के घरों को छोड़कर तीसरी जगह लड़की देखने जाएगा। लड़का.लड़की एक.दूसरे से संतुष्ट होंगे तब दोनों के साथ एक.एक महिला.पुरुष पहुंचेंगे।
’ बहन.बेटियों के जामने में तीन बेस ही देने होंगे और साथ में 1100 रुपए, इससे ज्यादा देने वाला व्यक्ति को दण्डित किया जाएगा।

इस महापंचायत में लिए गए निर्णयों को समाज के सभी वर्गों ने सराहा और इनका पालन करने का संकल्प लिया। मीणा समाज ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह समाज में व्याप्त कुरीतियों को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए दृढ़ संकल्पित है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।