9 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ट्रेन की चपेट में आए, 200 से अधिक लोगों ने एक दशक में गंवाई जान

थोड़ी सी असावधानी हो सकती है जानलेवा साबित

2 min read
Google source verification
दौसा.  ट्रेन की चपेट में आए, 200 से अधिक लोगों ने एक दशक में गंवाई जान

बांदीकुई. जीआरपी थाने का मुख्य द्वार।

दौसा. ट्रेन में यात्रा के दौरान व रेलवे ट्रेक के आसपास थोड़ी सी भी असावधानी जानलेवा साबित हो सकती है। इसके लिए समय-समय पर जागरूक भी किया जाता है। इसके बावजूद ट्रेन की चपेट में आने से असमय मौतों के मामले थम नहीं रहे हैं। एक दशक में जीआरपी बांदीकुई थाने के अधीन क्षेत्र में ही करीब 200 मौत हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार राजकीय रेलवे पुलिस के पास अपराधों की रोकथाम के साथ यात्रियों की सुरक्षा आदि की जिम्मेदारी है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति के ट्रेन की चपेट में आने से घायल या मौत होने पर घटना स्थल पर पहुंचने एवं शवों की शिनाख्त के लिए भी जीआरपी को मशक्कत करनी पड़ती है।

जीआरपी ने वर्ष 2011 में 10, वर्ष 2012 में 6, वर्ष 2013 में 8, वर्ष 2014 में 6, वर्ष 2015 में 8 लावारिश शवों का अंतिम संस्कार कराया गया। इस दौरान 100 से अधिक लोगों की शिनाख्त होने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किया गया। वहीं वर्ष 2017 से अभी तक करीब 150 शव सुपुर्द किए एवं 26 शवों का अंतिम संस्कार कराया गया। इसमें कई बार बीमारी एवं अन्य कारणों से मौत होने पर भी शव मिल जाते हैं। -यह है जीआरपी के अधीन क्षेत्र जीआरपी थाना बांदीकुई के अधीन क्षेत्र में बांदीकुई से खेड़ली तक करीब 52 किलोमीटर में घासीनगर, मण्डावर, घोसराना, दांतिया व खेड़ली स्टेशन तक क्षेत्र है। वहीं बांदीकुई-बासखोह के बीच करीब 46 किलोमीटर की दूरी में अरनिया, कोलवाग्राम, दौसा, भण्डाना, जटवाडा व बांसखो स्टेशन तक क्षेत्र शामिल है। वहीं बांदीकुई-बसवा के बीच करीब 12 किलोमीटर में गुल्लाना व बसवा स्टेशन तक का क्षेत्र है।

एक्सपर्ट व्यू.... यात्रीगण सावधानी से बचा सकते हैं जीवन थाना अधिकारी जीआरपी बांदीकुई नेतराम मीना ने बताया कि ट्रेन में यात्रा के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। चलती ट्रेन में गेट पर खड़े नहीं होना चाहिए। स्टेशन पर सीधे पटरी पार नहीं करें, ब्रीज या रेंप आदि के माध्यम से प्लेटफार्म चेंज करना चाहिए। अब तेज गति वाली ट्रेनों की संख्या भी बढ़ी है, ऐसे में यात्रीगण पटरी के आसपास ना खड़े हों और स्टेशन पर भी सावधानी रखें।

- इनका कहना है... ट्रेनों में यात्रियों को सावधानी रखने के लिए समय-समय पर समझाइश की जाती है। वही ट्रैक के आसपास लोगों को जागरूक भी किया जाता है। बीपी सैनी, थाना अधिकारी आरपीएफ बांदीकुई