
दौसा. श्रीराजपूत करणी सेना की ओर से बुधवार को पद्मावत फिल्म का विरोध जताया गया। इस दौरान युवाओं ने हाथों में डण्डे एवं तलवार लेकर पूतला एवं टायर जलाकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया गया। सिनेमा हॉल संचालकों को भी फिल्म नहीं लगाने की चेतावनी दी गई। प्रदेश सचिव माधोसिंह चौहान ने बताया कि 25 जनवरी को फिल्म रिलीज होने के साथ ही जनता कफ्र्यू लगाया जाएगा।लेकिन किसी भी सूरत में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा।
अगर इस दौरान कानून व्यवस्था बिगडने की जिम्मेदारी सरकार एवं प्रशासन की होगी। इस मौके पर पवनसिंह झापडावास, मेघसिंह प्रेमपुरा, बलराजसिंह चौहान, कर्मवीरसिंह चावण्डेडा, राहुलप्रतापसिंह, गुरुप्रतापसिंह, लोकेन्द्रसिंह, भानप्रतापसिंह, अविराजसिंह, मोहितसिंह नांगल, खेतसिंह सहित अन्य लोगों ने विरोध जताया।
पद्मावत पर लगे प्रतिबंध
मेहंदीपुर बालाजी. राजस्थान गुर्जर महासभा महिला प्रकोष्ठ ने पद्मावत फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है। जिलाध्यक्ष ममतासिंह भालपुर ने बताया कि केन्द्र सरकार को अध्यादेश पारित कर प्रतिबंध लगाना चाहिए। वहीं राजपूत समाज के लोगों ने भी फिल्म पर रोक लगाने की मांग की है।
समान पद के लिए समान वेतन की मांग
दौसा. प्रयोगशाला सहायक से समायोजित अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक एवं व्याख्याताओं ने वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंप शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने बताया कि अध्यापक से पदोन्नत होने पर वरिष्ठ अध्यापक एवं इसके बाद व्याख्याता का पद मिलता है। लेकिन तृतीय श्रेणी शिक्षकों को प्रथम पदोन्नती होने पर 4200 से 4800 एवं दूसरी पर 5400 की ग्रेड दी जाती है।
जबकि प्रयोगशाला सहायक से समायोजित हुए शिक्षकों को 3600 के बाद 4200 एवं 4800 की ग्रेड दी जाती है। इससे समान पद होने के बाद भी ग्रेड पे समान नहीं मिल रही है। ऐसे में समान पद एवं कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में ओमप्रकाश मीना, हेमन्त स्वामी, कमलेश शर्मा, कुलदीप डोई, श्रीराम मीना, रामजीलाल सैनी, निलिमा चतुर्वेदी, मोहनलाल मीना एवं गिर्राज विजय आदि शामिल थे।
Published on:
24 Jan 2018, 7:37 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.