
मेहंदीपुर बालाजी में 108 तुलसीकृत रामायण की स्थापना
मेहंदीपुर बालाजी. सिद्धपीठ घाटा बालाजी धाम में अधिकमास के अवसर पर महंत किशोरपुरी के सान्निध्य में शनिवार को 108 तुलसीकृत रामायण की स्थापना हुई। महंत निवास में अयोध्या से आए विद्वान पंडितों ने विधि-विधान से पूजा कराई। महंत ने रामायण पोथी को सिर पर धारण की तथा बालाजी महाराज के दरबार में रामायण पोथी की पूजा कराई गई। बालाजी महाराज के समक्ष पूजन वंदन के बाद नरेशपुरी रामायण पोथी को सिर पर धारण कर मंदिर की परिक्रमा करते हुए सीताराम मंदिर पहुंचे।
जहां पंडितों ने 108 तुलसीकृत रामायण की स्थापना कराई। 14 दिन के धार्मिक अनुष्ठान के लिए अयोध्या व जयपुर से आए विद्वान पंडितों ने महंत को अलग-अलग संकल्प दिया। ये सभी 54 पंडित 14 दिन तक सीताराम मंदिर परिसर में 108 तुलसीकृत रामायाण पाठ के साथ ही श्रीहनुमान बाहुक व हनुमान ? चालीसा के पाठ भी करेंगे। पूजा अर्चना के बाद महंत ने सभी 54 पंडितो को वस्त्र, दक्षिणा व 121 बालिकाओं को वस्त्र व प्रसादी वितरण की। इस अवसर पर नरेशपुरी भी मौजूद रहे।
श्रद्धा की सरयू व भागीरथी है रामायण-महंत
रामायण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महंत ने कहा कि वास्तव में रामायण धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का अमृतमय रूप है तो रामचरितमानस रामभक्ति की श्रद्धा की सरयू एवं भक्ति की भागीरथी है। रामचरितमानस शाश्वत जीवन मूल्यों का आकाशदीप है। भारतीय संस्कृति में चार पुरुषार्थ अर्थात धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को जीवन के मूल्यों के रूप में उल्लेखित करते हुए मोक्ष को नि:श्रेयस की प्राप्ति का सर्वोत्तम लक्ष्य माना गया।
गौरतलब है कि अधिक मास में महंत के निर्देशन में मंदिर ट्रस्ट द्वारा 108 श्रीमदभागवत कथा पिछले दिनों सम्पन्न हो चुकी है। श्रद्धालुओं के लिए सेवा में लंगर व भण्डारे को अनवरत चलाया जा रहा है। आधा दर्जन पानी की चल प्याऊ हैं। एमकेपी अस्पताल में विशेष चिकित्सा सुविधाएं संचालित हैं।
शास्त्रीय संगीत दंगल नौ को
बांदीकुई. श्रीजहाज मित्र मण्डल की ओर से 9 जून को होने वाले सप्तम तालबंदी शास्त्रीय संगीत दंगल को लेकर शनिवार को झण्डारोहण किया। समिति गठित कर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी। कार्यक्रम प्रभारी राधारमण तिवाड़ी ने बताया कि दंगल में पंडितपुरा, कैरवावाल, लोटवाड़ा, सुल्तानगंज एवं लांका की गायक पार्टियां शिरकत करेंगी। पं. अम्बिकेश्वर शर्मा, ब्राह्मण समाज जिलाध्यक्ष जगदीश गुरू, रामबाबू पण्डा, दिनेश पारीक, गिरीश शर्मा, राजेश पाराशर, आशुतोष पण्डा, नब्बू महंत, भगवानसहाय हरियाणा, मनोहर हरियाणा, मुन्ना वैद्य, बंगाली सैनी मौजूद थे।
Published on:
03 Jun 2018 11:19 am
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