
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/बांदीकुई/आभानेरी। कोरोना की स्थिति सामान्य होने के बाद आभानेरी की Chand Bawri एक बार फिर विदेशी सैलानियों से गुलजार नजर आने लगी है। इससे सरकार का राजस्व बढऩे के साथ ही पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में भी उत्साह दिखाई दे रहा हैं। पर्यटन विभाग की ओर से भी कोरोना काल के बाद गत वर्ष से आभानेरी फेस्टीवल मनाने की दोबारा शुुरुआत की गई।
देश-विदेश में प्रसिद्ध है चांद बावड़ी-
आठवीं सदी में निर्मित 19.5 मीटर गहरी वर्गाकार चांद बावडी अपने अनूठे स्थापत्य के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। ऐसे में काफी संख्या में भारतीय एवं विदेशी पर्यटक यहां आते है, लेकिन कोरोना के दौरान लगी हुई पाबंदियों के चलते विदेशी पर्यटक कम आ रहे थे। अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने के बाद विभिन्न राज्यों के साथ ही विदेशी पर्यटक काफी संख्या में पहुंच रहे है।
रोजाना आ रहे 400 पर्यटक, 250 रुपए है टिकट-
रविवार को करीब 767 पर्यटक चांद बावड़ी के दीदार के लिए पहुंचे। इनमें करीब 321 विदेशी पर्यटक शामिल थे। इसी प्रकार इन दिनों रोजाना करीब 400 पर्यटक आ रहे है। इनमें विदेशी पर्यटक भी काफी रहते हैं। गाइड विजय सामरिया ने बताया कि काफी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं। यहां कई फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। खास बात यह है कि सार्क एवं बिम्सटेक में शामिल देश अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीप, नेपाल, पाकिस्तान, म्यांमार, श्रीलंका एवं थाईलैंड के पर्यटकों से भारतीय पर्यटकों के बराबर नकद में 25 एवं ऑनलाइन 20 रुपए का शुल्क निर्धारित है। जबकि अन्य देशों के सैलानियों से ऑनलाइन 250 एवं टिकट विण्डो पर 300 रुपए का शुल्क लगता है।
समीप स्थित है हर्षद माता का प्राचीन मन्दिर-
चांद बावडी के समीप ही प्राचीन हर्षद माता का मन्दिर स्थित है। स्थानीय लोगों के अलावा काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नवरात्रा के दौरान यहां विशेष पूजा अर्चना होती है। इस दौरान श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
Published on:
24 Jan 2023 11:03 am
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