महेशबिहारी शर्मा
लालसोट. अपनी अनूठी ख्याल गायकी से देश भर मेें प्रसिद्ध लालसोट का गणगौर हेला ख्याल संगीत दंगल रविवार को अपने पूरे शबाब पर रहा। दूसरे दौर को हेला ख्याल दंगल में राजनीतिक दौर माना जाता है। इसमें सभी गायन मंडलियों के गायकों ने रचानाओंं से साबित कर दिया कि वे गांव के कृषक होने के बाद भी देश व विदेश के सभी घटनाक्रमों पर पैनी नजर भी रखते है। लगातार 72 घंटे तक चलने इस संगीत के अनूठे महाकुंभ में हेला ख्याल गायकों ने रचनाओं के माध्यम से सभी दलों के राजनेताओं की कार्यशैली एवं विभिन्न मुद्दों पर बेबाक ढंग से टिप्पणी की और प्रदेश व केेंद्र सरकार के कामकाज की अपनी ढंग से समीक्षा भी की।
दंगल में राजनीति का असर गायन मंडलियों पर भी साफ नजर आया और कुछ गायन मंडलियों ने केंद्र की मोदी व उनकी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए गहलोत सरकार का गुणगान किया तो कुछ गायन मंडलियों पर गहलोत सरकार को आड़े हाथ लेते हुए प्रधानमंत्री मोदी व भाजपा की बढ़ाई की। हेला ख्याल सुनने के लिए पहुंचे श्रोताओं ने भी अपनी पंसद के अनुसार इन रचनाओं का लुत्फ भी उठाया।शनिवार रात्रि से शुरू हुए 273 वें हेला ख्याल संगीत दंगल में प्रथम दौर रविवार दोपहर शुरू हुआ। जिसके बाद दूसरे दौर में सभी गायन मंडलियों ने भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी के साथ राजनैतिक घटनाक्रम के साथ राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा, प्रदेश कांग्रेस में गहलोत व पायलट के बीच खीचतान, यूपी में योगी का बुलडोजर, प्रदेश में पेपर लीक, पुलवामा हमले की वीरांगनों एवं डॉ.किरोड़ी के साथ पुलिस के बर्ताव, दिल्ली का शराब घोटाला, अडाणी मामला, राहुल गांधी द्वारा देश से बाहर दिया गया बयान समेत कई समसामयिक मुद्दों पर रचनाएं पेश की।