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आवास निर्माण के लिए मिली राशि डकारी

भले ही सरकार की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पक्का मकान मुहैया कराने की मंशा हो, लेकिन योजना की प्रभावी मॉनीटरिंग का अभाव व अधिकारियों की बेरूखी इसमें रोड़ा बनी हुई है।

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Gaurav Kumar Khandelwal

Dec 11, 2016

 Housing construction proceeds Dkari

Housing construction proceeds Dkari

बांदीकुई. भले ही सरकार की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पक्का मकान मुहैया कराने की मंशा हो, लेकिन योजना की प्रभावी मॉनीटरिंग का अभाव व अधिकारियों की बेरूखी इसमें रोड़ा बनी हुई है। इसके चलते दौसा जिले में करीब 13 सौ से अधिक इंदिरा आवासों का निर्माण कार्य कई वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है।

हालांकि इंदिरा आवास के लिए किश्त के रूप में जारी होने वाली राशि भी चयनित व्यक्ति को मिल गई, लेकिन भवन निर्माण की इस राशि को पात्र लोग डकार गए। ऐसे में अभी तक इन भवनों का उपयोगिता व कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी नहीं हो सका है। जो कि अब विभागीय अधिकारियों के लिए गले की फंास बनता जा रहा है। जिल परिषद कार्यालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2011 से वर्ष 2015-2016 तक जारी हुई स्वीकृति में से करीब 13 सौ आवासों का निर्माण कार्य लम्बित हैं।

इनमें से दौसा, महुवा, सिकराय, लवाण एवं बांदीकुई में करीब 700 एवं लालसोट में 600 आवास अधूरे हैं। इसके अलावा 2015-2016 एवं 2016-17 के करीब 4 सौ आवास फिलहाल प्रगति में हैं। खास बात यह है कि इन आवासों के लिए जारी हुई राशि में से किसी ने प्रथम किश्त तो किसी ने द्वितीय किश्त की राशि निकालकर अन्य कार्यों में खर्च कर दी। वहीं इसमें से कुछ लोगों की मृत्यु हो गई। तो कुछ विवादित होने, कुछ का निर्माण चारागाह भूमि में होने एवं कुछ लोगों के पलायन करने के कारण निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं।

ये है बांदीकुई की स्थितिपंचायत समिति से मिले आंकड़ों के मुताबिक उपखण्ड क्षेत्र में 2011 से 2015-16 तक के 91 इंदिरा आवास निर्माण कार्य अधूरे हैं। इनमें से 11 लोगों की तो मृत्यु हो चुकी है।

जबकि 6 आवासों का निर्माण कार्य विवादग्रस्त होने एवं 7 आवासों का निर्माण चारागाह भूमि में होने से अधूरे हैं। वहीं 16 लोगों के पलायन करने एवं 28 लोगों के राशि का दुरुपयोग करने से जुड़े मामले हैं। इसी कड़ी में दो लोगों के पहले से ही पक्का निर्माण होने के बाद भी आवासों के लिए राशि जारी कर दी गई।

बताया जा रहा है कि इनमें 22 लोग तो ऐसे हैं, जिन्होंने पहली किश्त के रुपए में मिले 22 हजार 500 रुपए हड़प लिए। जबकि 13 लोगों ने निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर द्वितीय किश्त का गबन कर दिया।

हालांकि पंचायत समिति की ओर से सम्बंधित ग्राम पंचायत सचिवों को 15 जनवरी 2016 को नोटिस जारी कर वसूली किए जाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अधिकारियों के वसूली किए जाने के ये आदेश भी हवा में ही उड़ते दिखाई दे रहे हैं।