
गत सरकार के गलत कामों की होगी जांच-परसादी
लालसोट. उद्योग मंत्रालय मिलने के बाद केबिनेट मंत्री परसादीलाल मीना ने राजस्थान पत्रिका से खास बातचीत में कहा कि गत सरकार के दौरान हुए गलत कामों की जांच कराई जाएगी। नए उद्योग लगाकर प्रदेश में ओद्यौगिक विकास को गति प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उद्योगों के माध्यम से लोगों को रोजगार देना एवं ओद्यौगिक क्षेत्रों की विकास उनकी प्राथमिकता होगी। जिन जिलों में उद्योग कम हैं, वहां इकाइयों की स्थापना करते हुए औद्योगिक ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
किसानों की तरह प्रदेश के उद्यमियों को राहत के पैकेज देने के सवाल पर परसादीलाल ने बताया कि इस बारे में मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही उचित कदम उठाए जाएंगे। लालसोट के डिडवाना ओद्यौगिक रीको क्षेत्र की बदहाली पर उन्होंने बताया कि सभी औद्योगिक क्षेत्रों की हालत को दुरुस्त किया जाएगा और सभी समस्याओं का भी निदान होगा।
इधर, उद्योग मंत्री परसादीलाल मीना गुरुवार को दिनभर लालसोट स्थित अपने आवास पर रहकर कार्यकर्ताओंं व समर्थकों से मिले। उन्होंने लोगों का आभार जताया एवं समस्याओं के निस्तारण के लिए उचित कार्यवाही का भी भरोसा दिया।मंत्री के निजी सचिव दिनेश शर्मा ने बताया कि फिलहाल मंत्री परसादीलाल मीना का सोमवार को मंत्रालय का कामकाज संभालना प्रस्तावित है। मंत्री जयपुर जाकर शनिवार को वापस लालसोट आएंगे। (नि.प्र.)
यह है औद्योगिक स्थिति
जिले में जिला मुख्यालय, बापी, लालसोट में डिडवाना व बांदीकुई में कौलाना में औद्योगिक कारखाने संचालित तो हंै, लेकिन अन्य जिलों की तुलना में यहां का औद्योगिक विकास पिछड़ा हुआ है। दौसा जिला मुख्यालय पर 1980 में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की गई थी। यहां कुल 92 भूखण्ड नियोजित किए गए थे, जिनमें से 87 भूखण्ड आवंटित किए गए। अब कागजों में यहां 67 औद्योगिक कारखाने स्थापित हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश कारखाने बंद हो चुके हंै। इसी प्रकार लालसोट में 219 भूखण्डों में से 118 में इकाइयां संचालित हैं। वहीं बापी में 75 औद्योगिक कारखाने संचालित हैं। इसी प्रकार रीको की ओर से बांदीकुई के कौलाना में 119 भूखण्ड आवंटित किए गए थे, इनमें से मात्र 62 कारखाने संचालित है।
जयपुर जाने की मजबूरी
दौसा जिला प्रदेश की राजधानी जयपुर के एकदम सटा हुआ जिला है। फिर भी दौसा औद्योगिक विकास में अन्य जिलों से काफी पिछड़ा हुआ है। यहां रीको ने औद्योगिक कारखाने स्थापित तो कर रखे हैं, लेकिन अधिकांश औद्योगिक कारखाने या तो बंद हैं या फिर उनका विकास नहीं हो पाया है। ऐसे में यहां के मजदूर वर्ग को रोजगार के लिए जयपुर पलायन करना पड़ता है। हालत यह है कि सुबह दौसा एवं आसपास के ग्रामीणों को काम के लिए जयपुर जाना पड़ता है।
Published on:
28 Dec 2018 08:46 am
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