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जयकारों से गूंजे जिनालय, अनंत चतुर्दशी पर हुए कलशाभिषेक

Kalashabhishek in Jain temple on Anant Chaturdashi

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जयकारों से गूंजे जिनालय, अनंत चतुर्दशी पर हुए कलशाभिषेक

जयकारों से गूंजे जिनालय, अनंत चतुर्दशी पर हुए कलशाभिषेक

दौसा भाद्रपद माह में दशलक्षण पर्व के तहत गुरुवार को अनंत चतुर्दशी पर शहर के सभी जैन मंदिरों में कलशाभिषेक किए गए। इस दौरान जयकारों से जिनालय गूंज उठे। जैन समाज की ओर से अनंत चतुर्दशी श्रद्धापूर्वक मनाया गया। सभी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। विधान मंडल रखे गए। पुरुषों ने सफेद एवं महिलाओं ने पीले वस्त्र पहने।

Kalashabhishek in Jain temple on Anant Chaturdashi


जैन समाज के प्रवक्ता संजय जैन ने बताया कि अनंत चतुर्दशी पर तीर्थंकर वासु पूÓय भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव भी मनाया जाता है। इससे पहले बुधवार रात आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में धर्म का रैपिड फायर कार्यक्रम हुआ। विधान जैन ने गिटार पर भजन प्रस्तुति देकर शुरुआत की।

3 टीम बनाकर धर्म से संबंधित प्रश्न पूछे गए। निश्चल, शालिनी व आयुश जैन टीम प्रथम, अविचल, सिम्पल और प्रगुन टीम द्वितीय तथा विक्की, बीना व प्रासुक की टीम को तृतीय स्थान मिला। कार्यक्रम संयोजिका विधि सेठी जैन एवं छाया जैन थी। जैन समाज के अध्यक्ष महावीर जैन सिकंदरा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। निर्णायक मंडल में पं. संजय जैन, शांति देवी जैन, अनीता छाबड़ा थी। इस दौरान मनीष जैन, प्रतीक जैन, राहुल जैन, अजित चांदवड, माणक जैन, विधान, मनीष बांदीकुई सहित कईलोग थे।

लालसोट. अनन्त चतुर्दशी पर सुबह से ही सभी जैनालयों में पूजा अर्चना का दौर जारी रहा। चौबीस भगवान का मण्डल माण्डकर विशेष पूजा अर्चना की गई। दोपहर में चन्द्र प्रभु जैन मंदिर में सामूहिक रूप से जैनाचार्य विवेक सागर के सान्निध्य में चौबीस तीर्थकरों की संगीतमय तरीके से विधान पूजन कर अध्र्य चढ़ाया गया। शाम को शहर के तीनों जैन मंदिरों में श्रीजी के कलशाभिषेक का कार्यक्रम हुआ। भगवान जिनेन्द्र की माला की खुली बोली लगाई गई। समाज के लोगों ने व्रत एवं उपवास भी रखा।


वहीं दशलक्षण महापर्व के अन्तिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्यधर्म पर जैनाचार्य विवेक सागर ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि आत्मा के उत्थान के लिए प्रयत्न करना व शीतलता का पालन करना ही ब्रह्मचर्यहै। मर्यादा में रहना चाहिए।शील ही परमज्ञान, परम तप व परम धर्म है। संस्कारवान एवं सलीके के वस्त्र ही उपयोग में लें। इश लक्षण महामण्डल विधान में उत्तम ब्रम्हाचर्य धर्म की विधान, पूजन की गई। इस दौरान भगवान वासु पूÓय के मोक्ष कल्याणक दिवस पर निर्वाण लड्डू भी चढ़ाया गया।

संगीतमय विधान पूजन में धार्मिक गीतों पर नृत्य कर प्रभु की आराधना की। सोलह कारण पर्व पर आचार्य विवेक सागर का गुरुवार को 29वां उपवास रहा। आचार्य के 32 उपवास पूर्ण होने के बाद 16 सितम्बर को महापारणा महोत्सव वर्षा योग समिति की ओर से मनाया जाएगा।


प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव कमल मीना ने भी जैनाचार्य से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर समिति संयोजक अनिल बैनाड़ा, अध्यक्ष सुभाषचंद बडजात्या, महामंत्री अजीत बडजात्या, कोषाध्यक्ष शिखरचंद बडजात्या आदि ने सचिव का सम्मान किया।(नि.सं.)

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