11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

लेखनी से प्रभावित होकर खान भांकरी की सोनिया को बनाया 1 दिन की जिला शिक्षा अधिकारी

www.patrika.com/rajasthan-news

2 min read
Google source verification
dausa deo

लेखनी से प्रभावित होकर खान भांकरी की सोनिया को बनाया 1 दिन की जिला शिक्षा अधिकारी

दौसा. बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक कार्यालय में अनूठी पहल की गई। जिला मुख्यालय के समीप खान भांकरी गांव की राजकीय उ"ा माध्यमिक विद्यालय में पांचवीं कक्षा में पढऩे वाली सोनिया चंदेरा को जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक कार्यालय में शुक्रवार को 1 दिन की डीईओ बनाया गया।

छात्रा की लेखन क्षमता से प्रभावित होकर जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक ओमप्रकाश शर्मा ने सोनिया को अपने कार्यालय बुलाया और उसे अपनी कुर्सी पर बैठाकर प्रोत्साहित किया। साथ ही बालिका को ड्रेस, बैग, बोतल समेत सभी शिक्षण सामग्री भेंट की गई। माला पहनाकर उसका सम्मान किया गया तथा मिठाई भी खिलाईगई। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सभी कार्मिकों ने तालियां बजाकर छात्रा का स्वागत किया। डीईओ की इस पहल से कार्यालय का माहौल खुशनुमा नजर आया।


जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि बालिकाओं को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह पहल की है। ऐसा बहुत कम देखने में आता है कि सरकारी स्कूल में अनुसूचित जाति की आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बालिका पढ़ाई में होशियार होती है। बालिका की इतनी सुंदर लेखनी है कि कोई भी उसको देखकर प्रभावित हो सकता है। डीईओ ने बताया कि वे गत माह स्कूल के निरीक्षण पर गए थे तो इस बालिका की कॉपी देखकर काफी प्रभावित हुए। इसीलिए उन्होंने उसको कार्यालय में बुलाकर अपनी कुर्सी पर बैठाकर प्रोत्साहित किया है।


गद्गद् हुए परिजन


डीईओ द्वारा दिए गए सम्मान को पाकर बालिका के साथ उसके माता-पिता भी गदगद हो गए। खानभांकरी की बैरवा ढाणी निवासी बालिका के पिता अशोककुमार चंदेरा वाहन चालक हैं उसकी माता बबीता देवी ग्रहणी है। पिता नवीं और माता चौथी पास है। अब अपनी बेटी में पढ़ाई की लगन देखकर काफी खुश हैं।

माता-पिता ने कहा कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई के स्तर से वे खुश हैं। बालिका की पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। वहीं ब'ची ने अपनी लेखनी और पढ़ाई के लिए शिक्षिका शशि प्रभा शर्मा व अन्य स्टाफ को श्रेय दिया। छात्रा का लक्ष्य शिक्षिका बनकर बालिकाओं को पढ़ाना है।