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SP रंजीता शर्मा ने संभाली दौसा की कमान, बहुत रोचक है IPS रंजीता की सफलता की कहानी

IPS Ranjeeta Sharma: आईपीएस रंजीता शर्मा ने दौसा पुलिस अधीक्षक के पद पर बुधवार को कार्यभार ग्रहण किया। आईपीएस रंजीता शर्मा की सफलता की कहानी बहुत ही रोचक है।

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दौसा

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Santosh Trivedi

Feb 22, 2024

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IPS Ranjeeta Sharma: आईपीएस प्रशिक्षण में बेहतरीन प्रर्दशन के आधार पर अव्वल आकर स्वार्ड ऑफ ऑनर पाने वाली देश की पहली महिला आईपीएस रंजीता शर्मा ने दौसा पुलिस अधीक्षक के पद पर बुधवार को कार्यभार ग्रहण किया। वर्ष 2019 बैच की आईपीएस अधिकारी रंजीता शर्मा दौसा जिले की 35वीं पुलिस अधीक्षक है।


जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकरलाल ने बुके भेंट किए तो महिला पुलिसकर्मियों ने तिलक लगाकर एसपी का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्होंने एसपी कार्यालयों में विभिन्न प्रकोष्ठों को देखा। इसके बाद कक्ष में जाकर कार्यभार ग्रहण किया। गौरतलब है कि आईपीएस रंजीता शर्मा मूल रूप से हरियाणा के गांव डहीना की निवासी हैं।

38 वर्षीय शर्मा को राजस्थान में सबसे पहले सितम्बर 2021 में तीन दिन के लिए असिस्टेंट कमिश्नर सर्किल सेंट्रल जोधपुर कमिश्नरेट लगाया गया था। इसके बाद उदयपुर में एएसपी के पद पर 18 दिन कार्य किया। वहीं 7 जून 2023 को ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी के रूप में कोटपूतली-बहरोड़ लगाया। इसी जिले में 7 अगस्त को एसपी के रूप में कार्यरत होने का आदेश जारी हुआ।

कार्यभार ग्रहण करने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में एसपी रंजीता शर्मा ने कहा कि अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना व सजग पुलिसिंग प्राथमिकता रहेगी। जल्द से जल्द यहां की सामरिक एवं भौगोलिक स्थिति समझकर आगे और बेहतरीन कार्य करने की कोशिश रहेगी।


हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में भारतीय पुलिस सेवा के अफसरों के प्रशिक्षण में पहली बार आईपीएस एसोसिएशन का स्वार्ड ऑफ ऑनर पाने वाली महिला पुलिस अधिकारी रंजीता शर्मा है। ट्रेनिंग में उन्होंने आठ ट्राफी जीती थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी उनसे संवाद किया था। रोचक यह है कि उन्हें वर्ष 2018 में यूपीएससी के छठे एवं आखिरी प्रयास में सफलता मिली थी। पांच बार असफल रहने पर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।


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