
बांदीकुई उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में रिश्वत लेने के बाद आदित्य शर्मा एवं उपखण्ड अधिकारी रामसिंह राजावत.
Dausa ACB Trap: बांदीकुई (दौसा). भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अलवर की टीम ने उपखंड अधिकारी कार्यालय बांदीकुई में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत लैब असिस्टेंट आदित्य शर्मा को सोमवार को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर 1064 पर एक अधिवक्ता के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि परिवादी ने 15 अप्रेल 2026 को एसडीएम कोर्ट बांदीकुई में एक मामला दायर किया था। इस मामले में स्टे आदेश जारी करने के एवज में 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत के अनुसार यह राशि एसडीएम रामसिंह राजावत के नाम पर उनके अधीन कार्यरत कर्मचारी आदित्य शर्मा के जरिए मांगी जा रही थी। एसीबी चौकी अलवर की टीम ने 17 अप्रेल को शिकायत का सत्यापन किया। जिसमें 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगना प्रमाणित पाया गया।
इसके बाद एसीबी के उप अधीक्षक शब्बीर खान ने नेतृत्व में टीम ने आरोपी को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमला के निर्देशन में मामले की आगे की जांच जारी है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।
उपखंड अधिकारी कार्यालय बांदीकुई में रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ आदित्य शर्मा मूलरूप से शिक्षा विभाग में लैब असिस्टेंट है। उसकी ड्यूटी उच्च माध्यमिक विद्यालय बसवा में है। लेकिन सांठगांठ के चलते वह करीब तीन साल से उपखण्ड अधिकारी कार्यालय बांदीकुई में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत था। वह यहां चुनाव एवं एसआईआर से जुड़े कार्यों को देख रहा था।
जानकारी के मुताबिक उसे अपने पिता के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। एसीबी की की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि लंबे समय से कार्यालय में तैनाती के चलते उपखंड अधिकारी कार्यालय (एसडीओ) के अधिकांश कार्य भी वही संभालता था। जिससे उसकी पकड़ मजबूत हो गई थी। लगभग 24 साल का आदित्य गुढ़ा रोड दिल्ली फाटक के पास का निवासी है।
एसीबी के डिप्टी एसपी शब्बीर खान ने बताया कि ट्रैप कार्रवाई के दौरान आदित्य शर्मा ने रिश्वत की राशि स्टाफ कक्ष में टेबल के नीचे फेंक दी, लेकिन टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने यह भी स्वीकार किया है कि वह राशि उपखण्ड अधिकारी रामसिंह राजावत के कहने पर ले रहा था। एसीबी अब पूरे मामले में अन्य संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
Updated on:
21 Apr 2026, 11:33 AM IST
Published on:
21 Apr 2026, 11:07 AM IST
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