
लालसोट. कृषि उपज मंडी लालसोट की फिजां इन दिनों सौंफ की खुशबू से महक रही है। बीते माह सरसों का सीजन पिटने के बाद अब मंडी मेें सौंफ की आवक परवान पर है। मंडी में सौंफ की 5 हजार से अधिक बोरी की आवक प्रतिदिन बनी हुई है। जगह जगह सौंफ की ढेरिया लगी हुई दिखाई देती है। लालसोट मंडी की सौंफ की खुशबू व क्वालिटी ने अब देश के साथ विदेशों तक भी पहचान बना ली है और विदेशों से भी लगातार डिमांड होने के चलते मंडी के कारोबार फल-फूल रहा है। विदेशी डिमांड व गत वर्ष के मुकाबले पैदावार कम होने के चलते इस बार मंडी में सौंफ के भावों में रिकॉर्ड तोड़ उछाल आ गया है।
गत साल की अपेक्षा दोगुना दामों पर सौंफ बिक रही है। इससे किसान भी खुश नजर आ रहे हैं। मंडी में सौंफ 12 हजार से लेकर 18 हजार रुपए प्रति क्विंटल बिक रही है। आढ़तियों के अनुसार सौंफ के दाम कभी भी 18 हजार तक नहीं पहुंचे हैं, गत वर्ष सौंफ 9 से 11 हजार रुपए प्रति क्विंटल के दाम पर बिकी थी।
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व्यापारिक वर्ष कारोबार (क्विंटल में )
2011-12 39555
2012-13 69286
2013-14 15936
2014-15 9617
2015-16 16443
2016-17 32257
2017-18 36157
2018-19 31913
2019-20 41281
2020-21 40046
2021-22 26185
सौंफ के कारोबार में देश में दूसरी बड़ी मंडी
ग्रेन मर्चेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष नवल झालानी के अनुसार देश में सौंफ खरीद का बड़ा कारोबार करने वालों को यहां की मंडी खूब रास आ रही है। मंडी से सौंफ का हर वर्ष देश के कई प्रांतों में निर्यात होता रहा है, लेकिन अब यह कारोबार विदेशों तक फैल चुका है। लालसोट मंडी देश में गुजरात की ऊंझा मंडी के बाद दूसरे नंबर पर है। इससे पूर्व निवाई मंडी में किसान अपनी उपज को बेचने जाते थे, अब लालसोट मंडी में ही किसान सौंफ बेचने के लिए पहुंच रहे हैं।
मौसम की मार से उपज घटी
मंडी में सौंफ बेचने आए किसान इस बार रिकॉर्ड तोड़ भाव मिलने खुश तो है, लेकिन मौमस की मार से उपज कम होने का मलाल भी उनके चेहरों पर नजर आ रहा है। मंडी में सौंफ बेचने आए मोतीलाल मीना, मीठालाल मीना समेत कई अन्य किसानों ने बताया कि गत वर्ष सौंफ के भाव कम मिलने से इस बार बुवाई भी कम हुई थी। इसके अलावा बार-बार बादल छाने व मौसम की मार से उपज भी कम हुई है।
गल्फ देशों से डिमांड
मंडी कारोबारियों के अनुसार फिलहाल सौंफ का एक्सपोर्ट अच्छा है, गल्फ देशों से डिमांड है। कई देशों तक सौंफ का निर्यात होता है। गत वर्ष के मुकाबले इस बार 75 प्रतिशत ही पैदावार है। पूर्व अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, सत्यनारायण गुप्ता, दिनेश कालूवास, गोविंद गोयल, कमलेश अरण्या ने बताया कि फिलहाल किसान फसल कटाई में जुटे हैं, आगामी एक पखवाड़े तक सौंफ की आवक बनी रहेगी। इस बार गल्फ देशों के साथ सिंगापुर एवं बांग्लादेश तक सौंफ का निर्यात हो रहा है।
Published on:
14 Apr 2023 12:56 pm
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