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दौसा

शिक्षकों के बीच मंत्री मुरारीलाल के विवादित बोल, गिना रहे थे पुरानी पेंशन योजना के फायदे

अनाथ बालिका संबलन कार्यक्रम

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दौसा. कृषि विपणन राज्यमंत्री मुरारीलाल मीणा ने मंगलवार को शिक्षकों के एक कार्यक्रम में राज्य सरकार की ओर से पुरानी पेंशन योजना लागू करने के निर्णय का लाभ गिनाते हुए कहा कि आप सभी सरकार के फैसलों का ध्यान रखना। नमकहराम मत हो जाना, एक साल ही बचा है।


आरपीएससी शिक्षक फोरम की ओर से आयोजित अनाथ बालिका संबलन कार्यक्रम में मीना ने पुरानी पेंशन योजना को लेकर कहा कि यह कर्मचारियों के लिए वरदान है। उन्हें भी 30-35 हजार पेंशन मिलती है तो संतोष मिलता है क्योंकि बुढ़ापे में यह जरूर साथ रहेगी।


मीना ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य शिक्षा को बढ़ावा देना है क्योंकि वे यहां शिक्षा की वजह से ही भाषण दे पा रहा हैं अन्यथा कोई मंच पर ही नहीं चढऩे देता। पहले संस्कृत की उच्च शिक्षा के लिए यूपी या फिर दूसरी जगह जाना पड़ता था। संस्कृत शास्त्री कॉलेज को आचार्य में क्रमोन्नत कराया गया। स्कूलों के परिणाम को बेहतर करने के लिए अपने स्तर पर योजनाएं लागू की है। समर्पण भाव से शिक्षा के क्षेत्र में काम का रहे हैं। क्षेत्र में सर्वाधिक कॉलेज व स्कूल खुलवाए हैं, इतने आजादी के बाद आज तक नहीं खुले थे।


गुरुजन कराते हैं तालाबंदी
वहीं स्कूलों में हो रही तालाबंदी को लेकर भी मंत्री ने कठोर रुख अपनाते हुए कहा कि उन्हें सब पता है स्कूलों में कौन यह काम कराते हैं। बच्चे कभी तालाबंदी नहीं करते हैं, कुछ गुरुजन ही तालाबंदी करवाते हैं। गांव में भी कुछ लोगों को अब चुनाव नजदीक आने के कारण नेतागिरी का शौक लग रहा है, इसलिए भड़काने पर तालाबंदी करने पहुंच जाते हैं। ऐसे लोगों को स्कूलों से कोई मतलब नहीं है, बस ‘मुरारीलालÓ को डेमेज करने के लिए कुछ ना कुछ करते रहते हैं। वहीं शिक्षकों के तबादलों पर बोलते हुए मुरारी ने फिर कहा कि क्षेत्र के अधिकतर बाहर नौकरी कर रहे कार्मिकों को यहां एडजस्ट करने का प्रयास किया है। फिर भी कुछ लोग खोट निकालते रहते हैं।

धीमे जहर की तरह संविदा की नौकरी
संविदाकर्मियों को नियमित करने की मांग को लेकर मंत्री मुरारीलाल ने कहा कि उन्हें संविदा शब्द अटपटा लगता है। धीमे जहर की तरह है संविदा की नौकरी, ऐसी उनकी निजी सोच है। हालांकि सरकार इस मामले को लेकर सक्रियता से काम कर रही है।

समय आए तो देना भी
समारोह में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश शर्मा ने भी शिक्षकों से कहा कि मंत्री मुरारीलाल मीना शिक्षा विभाग को खूब समय देते हैं और बहुत कुछ देते रहे हैं। ऐसे में समय आए तो मंत्री को देना भी। वहीं तालाबंदी को लेकर सीडीईओ ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है। भविष्य में स्कूलों पर तालाबंदी करने वालों के खिलाफ पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई जाएगी।