
गौरव खण्डेलवाल
दौसा। राजस्थान की सात सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव में एकमात्र दौसा सीट जीतकर कांग्रेस अपना गढ़ बचाने में कामयाब रही है। सांसद मुरारीलाल मीना के सांसद चुने जाने के कारण हुए उपचुनाव के दौरान सबसे पहले तो मुरारी के विकल्प के तौर पर टिकट देने की चुनौती पार्टी के समक्ष थी। इस बार सामान्य सीट पर भाजपा की ओर से पहले ही एसटी वर्ग को टिकट देकर कांग्रेस को झटका दिया था, क्योंकि गत दो चुनाव में कांग्रेस एससी-एसटी के बहुतायत में वोट लेकर चुनाव जीत रही थी। भाजपा ने रणनीति बदलकर कांग्रेस को झटका दिया, लेकिन यह बदलाव सामान्य वर्ग को रास नहीं आया।
बूथवार मतगणना से पता लगा है कि हर बार की तरह इस बार सामान्य वर्ग को वोट भाजपा से टूटा है। साथ ही भाजपा के कद्दावर नेता डॉ. किरोड़ीलाल मीना के भाई जगमोहन मीना को टिकट देकर एकतरफा एसटी वोट हथियाने की चाल भी कामयाब नहीं हो सकी। कांग्रेस को भी एसटी बाहुल्य बूथों पर अच्छे मत मिले। इसके चलते भाजपा आखिर तक कांग्रेस की लीड को पाट नहीं सकी।
चुनाव की शुरुआत से ही जिले सहित प्रदेश के राजनीतिक हलकों में दौसा में ‘मैच फिक्सिंग’ होने का हल्ला मचा। कांग्रेस-भाजपा के नेताओं ने भी यह बात कही। आरोप लगे कि मुरारीलाल मीना ने डॉ. किरोड़ीलाल मीना से मैच फिक्स कर दौसा में नए चेहरे डीसी बैरवा को टिकट दिलवा दिया है। हालांकि मुरारीलाल शुरू से इस बात से इनकार करते रहे। इस बीच प्रचार अभियान में मुरारीलाल के कम सक्रिय होने पर बार-बार ‘मैच फिक्सिंग’ का शोर मचता रहा। अब परिणाम देखकर स्पष्ट हुआ है कि डीसी बैरवा की जीत में मुरारीलाल मीना चाणक्य बनकर उभरे हैं। उन्होंने अपने प्रभाव से एसटी वर्ग का अच्छा खासा वोट कांग्रेस में डलवाकर जीत तय की है। कुछ एसटी बाहुल्य गांव-ढाणी तो ऐसे भी हैं, जहां से कांग्रेस को जीत मिली है।
विधानसभा उपचुनाव के पूरे प्रचार अभियान में भाजपा आगे रही। हर तरफ भाजपा का हल्ला नजर आया। डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने पूरे चुनाव प्रचार की कमान संभाली। इसके अलावा प्रदेश के भी दर्जनों नेताओं की टीम ने दौसा में डेरा डाले रखा। प्रत्येक समाज व संगठन की बैठक लेकर समर्थन जुटाने का प्रयास किया। प्रचार देखकर एकबारगी सवाल उठने लगा था कि कांग्रेस क्यों ठंडी पड़ी है, लेकिन परिणाम देखकर स्पष्ट हुआ है कि भाजपा शोर मचाती रह गई और कांग्रेस अंदर ही अंदर अपना काम सफलतापूर्वक कर गई।
उपचुनाव के प्रचार के दौरान बैकफुट पर दिखी कांग्रेस की जीत हर किसी के मन में चर्चा का विषय बन गई है। देश और प्रदेश में भाजपा की सत्ता होने के बावजूद मौन रहकर लोगों ने कांग्रेस को वोट दे दिया। इससे मतदाताओं में अंडर करंट स्पष्ट नजर आया है। अब अंडर करंट किस बात को लेकर रहा, यह भाजपा के लिए विश्लेषण का विषय है। कांग्रेस को हर वर्ग का वोट मिला है। बूथवार रिजल्ट के अनुसार एससी और ओबीसी वर्ग का बड़ा हिस्सा डीसी के साथ रहा है। हालांकि कांग्रेस के लिए मजबूत मानी जा रही सैंथल बैल्ट में भाजपा ने सेंध मारी, लेकिन शहर में मात खा गए।
Updated on:
24 Nov 2024 06:18 pm
Published on:
24 Nov 2024 11:36 am
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