
दौसा। राजस्थान के दौसा जिले में होली से एक दिन पहले हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। रामगढ़ पचवारा थाना क्षेत्र के रालावास में गुलाल लगाने से मना करने पर एक छात्र की गला दबाकर हत्या कर दी। छात्र हंसराज की मौत के बाद आक्रोशित परिजन लालसोट जिला हॉस्पिटल से शव को जबरदस्ती उठा लेकर ले गए और लाइब्रेरी के सामने से गुजर रहे एनएच 148 पर बैठ गए। ऐसे में हाईवे पर करीब 8 घंटे तक यातायात बाधित रहा। देर रात 1 बजे प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनने पर शव को हटाया गया।
इस पूरे घटनाक्रम का गुरुवार को एक वीडियो भी सामने आया। जिसमें रालावास के सरकारी स्कूल परिसर में एक संस्था द्वारा संचालित लाइब्रेरी में स्टूडेंट पढ़ाई करते दिख रहे है। यहां छात्र हंसराज कुर्सी को टेढ़ा करके पढ़ रहा था। तभी एक छात्र कुर्सी को टच करते हुए निकल जाता है। इस बात पर कहासुनी और फिर झगड़ा शुरू हो जाता है। तीन छात्र हंसराज से मारपीट करते नजर आ रहे हैं। तभी कुछ महिला व छात्र गुलाल लगाने की बात को लेकर विवाद का उलाहना देते नजर आए। ऐसे में माना जा रहा है कि यह पूरा विवाद गुलाल लगाने को लेकर शुरू हुआ। हालांकि, पुलिस अभी झगड़े के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश अग्रवाल ने बताया कि रालावास गांव के स्कूल में मौजूद लाइब्रेरी में बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। बुधवार शाम करीब चार बजे कुछ बच्चों में झगड़ा हो गया। जिसमें हंसराज (25) पुत्र कजोड़मल निवासी रालावास के शरीर पर चोट आने पर परिजन उसे लालसोट ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन हॉस्पिटल से जबरदस्ती करते हुए शव को उठाकर गांव ले आए।
घटना की जानकारी मिलते ही रालावास गांव पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं डिप्टी एसपी दिलीप मीना ने लाइब्रेरी में लगे सीसीटीवी फुटेज को देखा। जिनमें मृतक के साथ अशोक, कालू व बबलू मारपीट करते नजर आए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपितों की तलाश के लिए पुलिस टीमें रवाना कर दी गई है, शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लालसोट जिला हॉस्पिटल में हंसराज को मृत घोषित करने के बाद थानाधिकारी श्रीकिशन मीना भी कुछ पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। इसी दौरान कुछ जने इमरजेंसी में घुसकर शव को उठाकर बाहर ले आए। मना करने पर शव को दो युवक बाइक पर रखकर रवाना हो गए। इसके चलते काफी देर तक हॉस्पिटल के बाहर हंगामा हुआ।
परिजन व ग्रामीण लाइब्रेरी के सामने हाइवे पर शव को रखकर बैठ गए। उनका कहना था कि जब तक आरोपियों की गिरतारी नहीं होगी, तब तक रोड से शव को उठाया नही जाएगा। रोड पर लोगों के बैठ जाने से हाइवे पर यातायात बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गई। हालांकि, देर रात 1 बजे सहमति बनने पर शव को सड़क से हटाया गया। इस दौरान मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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Updated on:
13 Mar 2025 06:51 pm
Published on:
13 Mar 2025 02:03 pm
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