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अब पोश मशीन से ही मिलेगा खाद, कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश

किसान का आधार कार्ड नम्बर व फिंगर पिं्रट पोश मशीन से होगा लिंक, अनुज्ञाधारी खाद-बीज विक्रेताओं को पोश मशीन वितरित कर प्रशिक्षण देना किया शुरू।
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बीकानेर

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Gaurav Kumar Khandelwal

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Updated: 26 Apr 2017, 10:43 AM IST

Now the posh machine will get only compost, black marketing will be curb

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दौसा. किसानों को अब खेतों में पैदावार बढ़ाने के लिए आवश्यक खाद (यूरिया, डीएपी व अन्य) पोश मशीन में आधार कार्ड व फिंगर प्रिंट का लिंक होने पर ही मिलेगा। सरकार ने किसानों को लाभ पहुंचाने तथा खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए पोश मशीनों के माध्यम से ही खाद वितरित करने का निर्णय किया है। पोश मशीनों में किसानों के आधार कार्ड नम्बर व फिंगर प्रिंट भी लिंक किए जाएंगे।

इसके बाद पोश मशीन में लिंक होने पर ही सम्बन्धित किसान को खाद मिल सकेगा। जिला प्रशासन ने अनुज्ञाधारी खाद-बीज विक्रेताओं को पोश मशीन वितरित कर प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया है। किसानों को 1 जून 2017 से पोश मशीन से खाद वितरण शुरू किया जाएगा।

दिखाने पड़ेंगे जमीन के दस्तावेज

किसानों को अब नजदीकी खाद-बीज विके्रता डीलर की दुकान पर जाते समय अपनी खातेदारी भूमि के दस्तावेज (जमाबंदी या पासबुक्स) भी ले जानी होगी। इसके अलावा आधार कार्ड भी ले जाना होगा।

अनुज्ञाधारी विक्रेता (डीलर) अपने पास रखी पोश मशीन में किसान के आधार कार्ड नम्बरों की एंट्री करेगा। उसके बाद मशीन में फिंगर प्रिंट लिंक कराएगा। आधार व फिंगर का मिलान होने के बाद खातेदारी भूमि की माप के हिसाब से खाद दिया जाएगा।

मनमर्जी से नहीं ले पाएंगे दाम

अब तक यूरिया व डीएपी की कालाबाजारी की जमकर शिकायतें मिल रही थी। खाद की मांग बढऩे पर अधिकांश खाद विक्रेता खाद के कट्टे पर अंकित प्रिंट रेट से अधिक कीमत वसूलने लग जाते थे। इससे किसानों को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती थी।

अब पोश मशीन से खाद वितरण होने के बाद दुकानदार किसान से अधिक राशि नहीं ले पाएंगे। इसके अलावा प्रशासन की ओर से अनुज्ञाधारी खाद-बीज विके्रताओं को ही पोश मशीन वितरित की जाएगी। इससे फर्जी रूप से खाद बीज बेचने वालों पर भी नकेल कसी जा सकेगी।

नहीं आएंगे बाहरी किसान

खाद वितरण में पोश मशीन की व्यवस्था लागू होने से अब दूसरे जिले के किसान दौसा जिले से खाद नहीं ले पाएंगे। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सीमावर्ती इलाकों में दूसरे जिलों के किसान खाद लेने आ जाते थे। इससे जिले के किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल पाता था। पोश मशीन से खाद वितरण के बाद किल्लत में भी कमी आएगी।

मोबाइल पर मिलेगा मैसेज

दौसा क्रय-विक्रय समिति प्रबंधक राजेश शर्मा ने बताया कि आगामी सीजन में जब खाद की आवक शुरू हो जाएगी। इसके बाद सभी क्रय विक्रय समिति प्रबंधक, बड़े कृषि अधिकारियों एवं डीलरों के मोबाइलों पर खाद उत्पादक कम्पनियां खाद का रैक उतरने का मैसेज भेजेगी।

गौरतलब है कि अब तक कई बार अधिकारी व डीलरों को रैक उतरने की जानकारी नहीं मिल पाती थी और राजनीतिक दबाव के चलते एक जिले की रैक दूसरे जिले में भेज दी जाती थी। इससे खाद की किल्लत बढ़ती थी।

किसानों को मिलेगा लाभ

पोश मशीन से खाद मिलने के बाद किसान को काफी लाभ होगा। व्यापारी कालाबाजारी नहीं कर सकेंगे। डीलरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 1 जून के बाद पोश मशीनों से ही खाद की बिक्री शुरू हो जाएगी।

राकेश कुमार अटल, उपनिदेशक कृषि विस्तार दौसा