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धर्म के नाम पर बांटने वालों सुन लो, हमारे खून के हर कतरे में तिरंगा है…

लालसोट के हास्य कवि सम्मेलन में वीर रस की कविताओं ने जगाया देश प्रेम का जज्बा

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lalsot kavi sammelan

लालसोट. गणगौर हेला ख्याल संगीत दंगल समिति के तत्वावधान में बीती रात्रि को शहर के जवाहर गंज सर्किल पर विशाल हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश के कई नामी कवियों ने कविता पाठ किया, जहां हास्य कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम श्रौताओंं को खूब हसा कर होली की मस्ती से सराबोर कर दिया तो वही वीर रस के कवियों ने अपनी रचानाओं में देश भक्ति का ऐसा ताना बाना बुना कि कई बार पूरा कवि सम्मेलन भारत माता के जयकारों के नारों से गूंज उठा।

कवि सम्मेलन में मध्यप्रदेश खंडावा के नेत्रहीन कवि अकबर ताज ने हमारी देश की गंगा जुमान संस्कृति को अपनी रचना में विषय बनाते हुए सुनाया कि सभी रहमान वाले है, सभी भगवान वाले है, हमे गीता भी प्यारी है और हम कुरान भी वाले है, हमारे दुश्मनों सुन लो, जरा औकात में रहना, ना टकराना कभी हमसे, हम हिंदुस्तान वाले है।

इसी तरह युवा कवियत्री अंकिता चिंगारी ने भी अपनी रचना पर धर्म के नाम बांटने वाली ताकतों के खिलाफ पेश करते हुए अपनी रचना में कहा कि कही पर पाक जम-जम है, कही पर शुद्ध गंग है, मगर मजहब के नाम पर यहां हर दंगा, धर्म के नाम पर बांटने वालों सुन लो, हमारे खून के हर कतरे में तिरंगा है। कवि सम्मेलन मेें बूंदी के कवि अंदाज हाड़ौती ने अपनी हास्य व्यंग की रचनाओं से श्रौताओं को खूद गुदगुदाया। कवि सम्मेलन में गौरस प्रचंड, सबिहा असर, सतीश सागर समेत कई कवियों ने कविता पाठ किया।

संचालन अशोक नागर ने किया। कवि सम्मेलन की शुरुआत नयायाधीश उमाशंकर जोशी, पालिका अध्यक्ष जगदीश सैनी, एसडीएम नवरत्न कोली, सीआई राजेन्द्र मीना एवं पालिका उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम जोशी ने सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित करने के साथ की। कवि सम्मेलन की शुरुआत में हेला ख्याल संगीत दंगल समिति के अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, पदाधिकारी अशोक चौधरी, चंद्रशेखर सोनी, देवकी भींवाल समेत अन्य जनों ने कवियों का गुलाल लगा कर स्वागत किया।