20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ट्रेन में लूट के आरोपी को पुलिस ने दबोचा

करीब ढाई साल पहले घोषराणा स्टेशन के समीप हुई थी घटना

2 min read
Google source verification

दौसा

image

Mahesh Jain

Jun 22, 2018

ट्रेन में लूट के आरोपी को पुलिस ने दबोचा

ट्रेन में लूट के आरोपी को पुलिस ने दबोचा

बांदीकुई. जीआरपी ने करीब ढाई साल पुराने ट्रेन में यात्रियों से लूटपाट के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को शुक्रवार को भटावली कुम्हेर से गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेश करने पर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।

थाना प्रभारी रमणलाल ने बताया कि प्रकाशचंद चौहान निवासी कुशीनगर उत्तरप्रदेश ने 3 फरवरी 2016 को मामला दर्ज कराया कि वह, उसका भाई उपेन्द्र, साथी मुबारक अली एवं ऋषि कुमार बाड़मेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे कि घोषराणा रेलवे स्टेशन के समीप कुछ लोग उनके मोबाइल व नकदी छीन ले गए।

पुलिस अधीक्षक सुनील विश्नोई व उपाधीक्षक द्वारकाप्रसाद के निर्देश में गठित टीम ने विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए कुम्हेर पुलिस की मदद से फरार चल रहे आरोपित रघुवीरसिंह उर्फ छुटटन उर्फ काली जाट निवासी भटावली कुम्हेर को उसके घर से गिरफ्तार किया है। आरोपित ने पूछताछ में कई घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। इसके खिलाफ कई थानों में मामले दर्ज हैं।

इस मामले में घटना के बाद से आरेापित घर से फरार चल रहा था। उल्लेखनीय है कि इस मामले में आरोपी जीवनराम, भोलाराम एवं संदीप को पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

बीसीए में मात्र आठ आवेदन

दौसा. पं. नवलकिशोर शर्मा राजकीय पीजी महाविद्यालय में स्ववित्तपोषित योजना से संचालित बीसीए संकाय में प्रवेश के लिए छात्रों का रूझान नजर नहीं है। कोर्स का सरकारी नहीं होने का सीधा असर प्रवेश पर पड़ रहा है।

सरकारी कोर्स के फीस की तुलना में बीसीए फीस करीब 12 गुना अधिक होने से विद्यार्थी आवेदन से मुंह मोड़ रहे हंै। आवेदन की अंतिम तिथि करीब होने के पश्चात भी महाविद्यालय में एक चौथाई भी प्रवेश आवेदन प्राप्त नहीं हुए है। प्रथम वर्ष मेें महज आठ आवेदन प्राप्त हुए हैं। माना जा रहा है कि सरकारी कोर्स से 12 गुणा फीस अधिक होने से निर्धन तबके के छात्र आवेदन नहीं कर पाते।

प्राचार्य डॉ. डीएस. बरोला ने बताया कि स्ववित्तपोषित कोर्स में फीस अधिक होन से आवेदन कम आए हैं। विद्यार्थी परिषद के अंकित माठा नेे बताया कि फीस अधिक होने छात्र प्रवेश नहीं ले पाते। संगठन के माध्यम से सरकार से बीसीए को सरकारी करने की मांग की है।