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Private School Guideline : 3 साल तक नहीं बढ़ेगी फीस, यूनिफॉर्म बाजार से खरीदने की पूरी आजादी

Private Schools : राजस्थान के प्राइवेट स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए अच्छी खबर है।

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दौसा

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Supriya Rani

May 20, 2024

दौसा. जिले के प्राइवेट स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए अच्छी खबर है। शिक्षा विभाग ने हाल ही में प्रदेश में संचालित हो रहे प्राइवेट स्कूलों को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें किताबों, यूनिफॉर्म और फीस बढ़ोतरी को लेकर नियम तय किए हैं। पेरेंट्स अब स्कूल के अलावा बाजार से भी यूनिफॉर्म और किताबें खरीद सकेंगे। प्राइवेट स्कूल में फीस निर्धारण को लेकर पेरेंट्स-टीचर्स की कमेटी का गठन करना होगा। यह कमेटी फीस का निर्धारण करेगी। इस फीस कमेटी के सभी सदस्यों का नाम, पता, मोबाइल नंबर प्राइवेट स्कूल पोर्टल पर अपडेट करना होगा।

कमेटी से अप्रूव फीस से ज्यादा लेना अवैध होगा। ऐसे स्कूलों पर फीस एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है और पेरेंट्स से ली गई अतिरिक्त फीस लौटानी पड़ सकती है, जो फीस तय होगी, वो तीन साल तक रहेगी। प्राइवेट स्कूल की मनमानी को देखते हुए जारी की गई 10 सूत्री यह गाइडलाइन करीब 40 हजार प्राइवेट स्कूलों पर लागू होगी। शिक्षा विभाग की गाइडलाइन और सभी सूचनाओं को स्कूल को अपने नोटिस बोर्ड पर चस्पा व वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इन नियमों का पालन नहीं करने पर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विशेष योग्यजन के लिए भी प्रावधान

निजी विद्यालयों में विशेष योग्यजन विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रावधानों की विभाग के जारी दिशा-निर्देशों के तहत पालना करनी होगी। छात्र-छात्राओं पर मानसिक और शारीरिक दण्ड व प्रताडऩा से जनित शिकायतों में संवेदनशीलता बरतते हुए त्वरित कार्रवाई करनी होगी।

बड़े स्कूल कर चुके मनमानी

शिक्षा विभाग की गाइड लाइन आने से पहले ही दौसा शहर सहित जिले में संचालित कई बड़े स्कूल मनमानी कर चुके हैं। अप्रेल के पहले सप्ताह में ही अभिभावकों पर दबाव बनाकर नए सत्र के संचालन के नाम पर महंगी दरों पर किताबें बेच चुके हैं। आगामी तीन माह की फीस भी वसूल चुके हैं। इस गाइड लाइन का असर छोटे निजी स्कूलों पर पड़ेगा, जिनका मुख्यत: एक जुलाई से शिक्षण सत्र शुरू होता है।

गाइडलाइन के प्रमुख बिंदु

प्रदेश के स्कूलों में पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग का आयोजन किया जाए। स्कूल स्तरीय फीस कमेटी का गठन हो। कमेटी के सदस्यों का नाम, पता और मोबाइल नंबर राजस्थान प्राइवेट स्कूल पोर्टल (पीएसपी) पर अपडेट हों।

स्कूल स्तरीय फीस कमेटी की ओर से अनुमोदित फीस को पीएसपी पर सालाना और मासिक मद में पीडीएफ बनाकर अपडेट करना अनिवार्य है।

अनुमोदित फीस के अलावा किसी तरह का शुल्क वसूलना फीस एक्ट के खिलाफ है। ऐसे में स्कूल प्रशासन को फीस के नाम पर की गई वसूली को स्टूडेंट्स और पेरेंट्स को लौटाना होगा।

स्कूल स्तरीय फीस कमेटी से निर्धारित फीस तीन शैक्षणिक सत्रों के लिए होगी। सिर्फ कुछ वक्त के लिए नहीं।

प्राइवेट स्कूल जो माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, सीबीएसई, सीआईएससीई, सीएआईई आदि से मान्यता प्राप्त हैं। उनके नियमों और उप नियमों की पालना करते हुए शैक्षणिक सत्र के लिए किताबों का चयन करना होगा। इसकी जानकारी यानी लेखक का नाम, किताब की कीमत के साथ शैक्षणिक सत्र शुरू होने से एक महीने पहले ही स्कूल के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य है, पेरेंट्स उन्हें बाजार से भी खरीद सकें।

प्राइवेट स्कूलों में पाठ्य सामग्री, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म, जूते, टाई, बेल्ट जैसे सामान की बिक्री के लिए शिक्षा विभाग की गाइडलाइन की शत प्रतिशत पालना होनी चाहिए।

प्राइवेट स्कूलों में फीमेल स्टूडेंट्स के लिए बनाए गए नियमों की पालना होनी चाहिए।

स्टूडेंट्स पर मानसिक और शारीरिक प्रताडऩा की शिकायतों की त्वरित सुनवाई के साथ ही दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए।

इनका कहना है…

निदेशालय ने निजी विद्यालयों को लेकर गाइड लाइन जारी की है, जिसकी पालना के लिए सभी जिला व ब्लॉक अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा। गाइड लाइन का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ विभाग की ओर से कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।- गोविंदनारायण माली, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, दौसा

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