
बांदीकुई की वाटर वक्र्स कॉलोनी में श्याम जागरण में सजाई झांकी।
बांदीकुई. शहर की वाटर वक्र्स कॉलोनी में शनिवार रात श्याम बाबा का जागरण हुआ। इसमें गायक कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी। बाबा श्याम का दरबार एवं 56 भोग की झांकी सजाई गई। गायक कलाकार सुरेन्द्र पटेल ने गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद राजेन्द्र कुमार ने हनुमान वंदना, लक्ष्मीनारायण अगावली ने गुरू वंदना की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अलवर से आए गायक कलाकार जगमोहन ने लाडला खाटू वाले का, पवन अंकित ने आएगा नीले चढकऱ सवार सांवरा आएगा ने भलनों की प्रस्तुति दी। टीना शर्मा, अंकित शर्मा ने आज दरबार से झोली खाली जाएगी तो भक्तो की हड़ताल शुरू हो जाएगी भजन गाया तो श्रोता झूमने लग गए। दौसा के रामावतार मेठी, श्याम खूटेटा ने मेरे सिर पर रख दो बाबा अपने ये दोनो हाथ भजन की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में आरती कर प्रसाद वितरण किया गया।
धर्म की जड़ सदा हरी-सुमेर
धांधोलाई(बडिय़ाल कलां) ग्राम धांधोलाई स्थित शिव मंदिर मेंं चल रही श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ में पंडित सुमेरचंद शास्त्री ने कहा कि धर्म की जड़ सदा हरी होती है। ईश्वरीय आराधना से ही मनुष्य का कल्याण संभव है। मनुष्य को पाप कर्मों को त्यागकर ईश्वर भक्ति में मन लगाना चाहिए। प्रभु स्मरण मात्र से ही मनुष्य के सभी पाप कर्म नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कपिल देव संवाद, सती चरित्र, शिव पार्वती विवाह, पार्थिव चिंतामणी शिव पूजा आदि प्रसंगों का वर्णन किया गया। शिव-पार्वती सहित अन्य मनमोहक झांकियां सजाई गई।
कथा श्रवण से पाप नष्ट
बांदीकुई. शहर के बसवा रोड राम नगर कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में संत दामोदर दास ने कहा कि मनुष्य को जीवन में भागवत कथा का श्रवण जरूर करना चाहिए। इससे मनुष्य के पाप नष्ट हो जाते है। कथा में भीष्म पितामह, द्रोपदी, युधिष्ठिर, अश्वत्थामा, संवाद परिक्षित क था के बारे मे बताया। इसी प्रकार साहूपाड़ा में चल रही कथा में राजेश्वरानंद सरस्वती ने गजेन्द्र मोक्ष व राम जन्म की कथा को सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम ने मानव जीवन को किस प्रकार निभाया। उन्होंने माता पिता तथा गुरू की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। (नि.सं.)
बीडी 211 सीई बांदीकुई. रामनगर कॉलोनी में भागवत कथा सुनाते आचार्य व मौजूद श्रोता।
आत्मा की शुद्धि करें
लालसोट. जैनाचार्य संत विवेक सागर ने धर्मसभा में रविवार को कहा कि भक्त से भगवान बनने की कला को अपनाएं। इसके लिए आत्मा की शुद्धि करें। आचार्य ने कहा चातुर्मास का सम्पूर्ण समय निकल गया। त्याग, तप, संयम की जागृति को अपनाने से महावीर जैसे बन सकते हैं। इसके लिए दृष्टिकोण को उन्नतशील बनाएं।
Published on:
04 Nov 2019 11:12 am
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