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राजनीतिक सरगर्मी तेज, रूठों को मनाने और बागियों को बैठाने पर फोकस

टिकट नहीं मिलने से दावेदार नाराज होकर चुनाव प्रचार से नदारद हैं तो किसी सीट पर अन्य प्रत्याशियों के साथ लग गए हैं

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राजनीतिक सरगर्मी तेज, रूठों को मनाने और बागियों को बैठाने पर फोकस

राजनीतिक सरगर्मी तेज, रूठों को मनाने और बागियों को बैठाने पर फोकस

नामांकन दाखिले का काम पूरा होने के बाद अब बगावत का झण्डा बुलंद कर मैदान में ताल ठोकने वाले नेताओं को बैठाने पर भाजपा व कांग्रेस के संगठन नेताओं का जोर है। इसके अलावा प्रत्याशी उन प्रमुख लोगों से सम्पर्क साध रहे हैं जो अलग-अलग कारणों से रूठ कर बैठे हैं। किसी सीट पर टिकट नहीं मिलने से दावेदार नाराज होकर चुनाव प्रचार से नदारद हैं तो किसी सीट पर अन्य प्रत्याशियों के साथ लग गए हैं। वहीं कुछ दावेदार ऐसे भी हैं जो अब टिकट नहीं मिलने पर तटस्थ हो गए हैं।

जिले का महुवा विधानसभा क्षेत्र हमेशा से हॉट सीट रहती है। यहां बागियों ने दोनों ही दलों की नींद उड़ा दी है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में ही बगावत कर कुछ स्थानीय नेता मैदान में हैं। महुवा में कांग्रेस से आधा दर्जन नेताओं के नाम टिकट के लिए चल रहे थे, लेकिन पार्टी ने निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला को टिकट दे दिया।

इससे नाराज होकर स्थानीय सभी दावेदारों ने मिलकर बैठक आयोजित की और पार्टी से टिकट बदलने की मांग की। कांग्रेस नेतृत्व पर विरोध का असर नहीं हुआ तो अब कांग्रेस से टिकट मांग रहे पूर्व पीसीसी सदस्य रामनिवास गोयल, जिला परिषद सदस्य कमला केसरा व सविता बैरवा मैदान में उतर गए हैं। अब कुछ दावेदार नाराज बैठे हैं और उनके समर्थक प्रत्याशी के खिलाफ सोशल मीडिया पर बयानबाजी करते नजर आ रहे हैं तो कुछ प्रत्याशी के साथ भी नजर आने लगे हैं।

रोचक यह है कि महुवा में संगठन के कुछ पदाधिकारी भी खुले में दूसरे प्रत्याशियों के साथ घूमते दिखाई दे रहे हैं। इधर, भाजपा ने लगातार दूसरी बार राजेन्द्र मीना को टिकट दिया है। ऐसे में बगावत कर दो दावेदार आशुतोष झालानी और मुकुल भड़ाना ने नामांकन कर दिया है।इधर, लालसोट व सिकराय में भाजपा व कांग्रेस के लिए राहत की बात है कि कोई भी दावेदार बगावत कर मैदान में नहीं उतरा है। हालांकि अंदरखाने नाराजगी जरूर सामने आ रही है, लेकिन खुलेआम मोर्चा फिलहाल नहीं खोल रखा है।

बांदीकुई-दौसा पर भी निगाहेंं

बागियों को लेकर दौसा व बांदीकुई सीट पर भी निगाहें हैं। दौसा में कांग्रेस से बगावत कर राधेश्याम मीना चुनाव मैदान में हैं। इनके साथ कुछ कांग्रेस के स्थानीय नेता भी लग रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी मुरारीलाल मीना को नुकसान हो सकता है और भाजपा खेमे को फायदा मिल सकता है। वहीं लगातार तीसरी बार भाजपा से शंकरलाल शर्मा को टिकट मिलने से करीब एक दर्जन स्थानीय दावेदारों में नाराजगी है। प्रत्याशी ने अधिकतर से बात कर मनाने का प्रयास किया है। राहत की बात यह है कि कोई दावेदार बगावत कर मैदान में नहीं उतरा है, लेकिन अधिकतर अभी साथ प्रचार में भी नजर नहीं आए हैं।

इधर, बांदीकुई में कांग्रेस से फिर विधायक गजराज खटाणा मैदान में हैं, लेकिन बगावत कर पूर्व जिला प्रमुख विनोद शर्मा ने ताल ठोक दी है। वहीं भाजपा ने गत बार बसपा से चुनाव लडकऱ तीसरे नंबर पर रहे भागचंद टांकड़ा को टिकट दिया है। इसके चलते कई स्थानीय दावेदारों में नाराजगी है और सुनीता सैनी ने बगावत कर नामांकन किया है।

आलाकमान की नजर

सूत्रों के अनुसार भाजपा व कांग्रेस के आलाकमान ने जिला संगठन व पर्यवेक्षकों से प्रत्येक सीट पर बगावत व नाराजगी को लेकर रिपोर्ट मांगी है। जिला स्तर से प्रदेश नेताओं को अवगत करा दिया गया है। इसके बाद मान-मनोव्वल का काम भी चल रहा है। वहीं प्रत्याशियों ने अपने स्तर पर भी नाराज चल रहे नेताओं को मनाने के लिए प्रदेश स्तर के नेताओं से बात की है। फिलहाल दोनों ही दलों से कोई बड़ा नेता दौसा में नहीं पहुंचा है, लेकिन दूरभाष व दूतों के जरिए ही बातचीत चल रही है। इसके अलावा सामाजिक स्तर पर भी दबाव बनाकर प्रयास किए जा रहे हैं।