
Dausa News: दौसा। उपचुनाव में तमाम प्रयासों के बावजूद भाजपा की हार से खलबली मची हुई है। भाजपा के दमदार प्रचार अभियान को देखकर राजनीतिक विश्लेषक अंदाजा लगा रहे थे कि अच्छे अंतर से डॉ. किरोड़ीलाल मीना अपने भाई जगमोहन मीना को जितवाने में सफल होंगे, लेकिन परिणाम विपरीत निकला। कहां कमी रही, किसने गड़बड़ी की, अब ये सवाल लोगों की चर्चा में चल रहे हैं।
सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल पड़ा है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नेता ने कोई बयान जारी नहीं किया है। डॉ. किरोड़ी मीना और जगमोहन मीना ने भीतरघात की बात कही है, लेकिन किसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया। ऐसे में चर्चा हो रही है कि प्रत्याशी का इशारा किन नेताओं पर है।
किरोड़ी समर्थक युवा सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल कर रहे हैं, जिसे भाजपा के एक पूर्व विधायक का बताया जा रहा है। ऑडियो में एक जना डीसी को जिताने की बात कह रहा है। इसी तरह अन्य ऑडियो भी वायरल कर एक समाज विशेष से वोट नहीं मिलने की बात कही जा रही है।
1. भाजपा से एसटी प्रत्याशी होने के बावजूद एक तिहाई से कम वोट मिले।
2. सामान्य वर्ग की नाराजगी सामने नहीं आई, अंदरुनी तौर पर वोट बंट गए।
3. मुस्लिम और एससी वर्ग में सेंध लगाने के प्रयास फेल हुए।
4. भाजपा खेमे में बाहरी नेताओं के जमावड़े से स्थानीय नेताओं का एक गुट अलग हो गया।
5. गुर्जर मतदाताओं को रिझाने के लिए भाजपा ने मंत्री सहित कई नेता लगाए, लेकिन सचिन पायलट का प्रभाव ही चला सका। 6. कट कटने के बाद पूर्व विधायक शंकर शर्मा की नाराजगी दूर नहीं कर पाए, उनके समर्थक भी प्रचार से दूर रहे।
सोशल मीडिया पर बहस बढ़ती देख कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने रविवार शाम अपील पोस्ट कर कहा है कि परिणाम के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोग अतार्किक भाषा लिख रहे हैं। सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों व शुभचिंतकों से अपील है कि वे किसी अन्य की देखा-देखी में किसी भी वर्ग, समाज या व्यक्ति के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करें, सामाजिक समरसता बनाए रखें।
Updated on:
25 Nov 2024 11:48 am
Published on:
25 Nov 2024 11:48 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
