
सीएम भजनलाल और मंत्री मदन दिलावर। पत्रिका फाइल फोटो
दौसा। राजस्थान में 29 जून से विद्यालय खुलने से पहले शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी सरकारी विद्यालयों में व्यापक सुरक्षा एवं आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा के निर्देश जारी किए हैं। प्राथमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने सभी संयुक्त निदेशकों, जिला शिक्षा अधिकारियों और संस्था प्रधानों को आदेश जारी कर मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।
उन्होंने विद्यालय खुलने से पहले भवनों की छतों की सफाई, नालियों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच अनिवार्य होगी। जर्जर, असुरक्षित या छत टपकने वाले भवनों में विद्यार्थियों को बैठाने पर पूर्ण रोक लगाई गई है। ऐसे भवनों की बैरिकेडिंग कर प्रवेश प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए हैं। दौसा जिले में प्रारंभिक शिक्षा के कुल 1101 तथा माध्यमिक शिक्षा के 471 स्कूल संचालित हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में पचास के करीब विद्यालय भवनों को जर्जर घोषित किया गया है।
शिक्षा विभाग ने प्रत्येक विद्यालय में ‘सुरक्षित निकास योजना’ तैयार करने, प्राकृतिक आपदाओं से बचाव का प्रशिक्षण देने तथा आग, बिजली, बाढ़, भूकंप, भूस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। निकटतम अस्पताल, पुलिस थाना और आपदा राहत एजेंसियों के संपर्क नंबर भी विद्यालयों में प्रदर्शित किए जाएंगे।
आदेश में स्वच्छ पेयजल, पानी की टंकियों की नियमित सफाई, शौचालयों में रनिंग वाटर, छात्राओं के लिए अलग शौचालय तथा खुली विद्युत तारों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया है। विद्यार्थियों को कुओं, टैंकों और अन्य जल स्रोतों के पास जाने से रोकने के भी निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विभाग ने जर्जर विद्यालय भवनों को चिह्नित कर उन्हें ध्वस्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा भवन निर्माण या मरम्मत कार्य के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिन विद्यालयों के पास भवन या भूमि नहीं है, वहां वैकल्पिक सुरक्षित भवनों में संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
निदेशक सीताराम जाट ने स्पष्ट किया है कि अधिकारी केवल कागजी रिपोर्टों पर निर्भर न रहें, बल्कि अधिकाधिक विद्यालयों का स्वयं निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की वास्तविक स्थिति का आकलन करें। विभाग का उद्देश्य मानसून के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए निर्बाध एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
Updated on:
27 Jun 2026 12:35 pm
Published on:
27 Jun 2026 12:35 pm
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