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भारतीय रंग में रंगे जर्मनी से आए सैलानी

नवसंवत्सर पर लालसोट में श्रीराम उत्सव आयोजन समिति के तत्वावधान में हुआ धार्मिक आयोजन।

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Sailors from Germany painted in Indian colors

Sailors from Germany painted in Indian colors

लालसोट. श्रीराम उत्सव आयोजन समिति के तत्वावधान में बुधवार को आयोजित समारोह में सामाजिक समरसता का ज्वार उमड़ता नजर आया। आयोजन में सभी समाज के लोगों ने उत्साह के साथ भागीदारी निभाते हुए शिरकत की। अशोक शर्मा राउमावि के मैदान में आयोजित समारोह में जर्मनी से आए सैलानियों का दल भी शामिल हुआ।

सभी विदेशी सैलानियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया तो वे गद्गद हो उठे। इस दल के सदस्यों ने गाइड के माध्यम से नववर्ष प्रतिपदा के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए इमेजिंग भी बताया।

वहीं समारोह में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांतीय समरसता प्रमुख महावीरप्रसाद ने कहा कि आज सबसे बड़ी जरूरत सामाजिक समरसता की है। समरसता कायम रहने से ही समाज का सर्वांगीण विकास भी होगा।

संत रघुनाथदास ने कहा कि हिंदू समाज सदा ही विश्व में अग्रणी रहा है और आगे भी अग्रणी रहेगा। पूर्व मंत्री वीरेन्द्र मीना ने कहा कि हमारे बीच समरसता कायम रहे तो सामाजिक ढाचा और मजबूत होगा। संघ के अलवर जिला प्रचारक सूर्यप्रकाश एवं विहिप के प्रखंड मंत्री श्यामसुंदर शर्मा ने नववर्ष प्रतिपदा के महत्व पर प्रकाश डाला।

समरोह स्थल पर समरसता यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें सर्व समाज के 31 जोड़ों ने 7 हवन कुंडों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां दी।

पालिका अध्यक्ष जगदीश सैनी, भाजपा नगर अध्यक्ष रवि हाड़ा, पांचूराम सैनी, मदनलाल हट्टिका, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष डॉ. भारत शर्मा, भाजपा एसटी मोर्चा के जिला अध्यक्ष हरकेश मटलाना, हेमराज मीना, सत्येन्द्र सिंह, श्याम जांगिड़, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर अध्यक्ष मनीष साहू, डॉ. सी.पी. कुशवाह समेत कई जने मौजूद थे। समारोह के अंत में डॉ. सुभाष पहाडिय़ा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

सात मंदिरों से रवाना हुई कलश यात्राएं

इससे पूर्व शहर के सात मंदिरों से कलश यात्राएं गाजे बाजे के साथ रवाना हुई। कलश यात्रा गणेश धाम जमात, चंद्रेश्वर महादेव मंदिर, श्याम मंदिर, रामदेव मंदिर, अनाज मंडी शिव मंदिर, थली वाले हनुमान मंदिर एवं घाटेश्वर मंदिर से रवाना हुई।

जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। सभी कलश यात्राओं का महाकाली मंदिर में समागम हुआ। इसके बाद कलश यात्राएं गाजे बाजे के साथ अशोक शर्मा वि. के खेल मैदान में पहुंची। जहां शहनाई वादन के साथ स्वागत किया गया। (नि.प्र.)