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Cardiac Arrest: मॉर्निंग वॉक से लेकर ड्यूटी तक, राजस्थान के पुलिसकर्मियों में घुला मौत का ‘साइलेंट प्रेशर’, जानिए कैसे

पुलिस महकमे में अचानक होने वाली मौतें अब चिंता का बड़ा कारण बन गई हैं। कोविड काल के बाद कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के मामले लगातार बढ़ते देखे जा रहे हैं।

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Cardiac Arrest

एआई तस्वीर

जोधपुर। पुलिस महकमे में अचानक हो रही मौतें गंभीर चेतावनी बनती जा रही हैं। बीते पांच साल में आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक के चलते जान गंवा चुके हैं। सोमवार को जोधपुर डीसीपी ऑफिस (ईस्ट) की क्राइम ब्रांच में तैनात एएसआई लूणाराम की निजी अस्पताल में उपचार के दौरान कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई।

एएसआई की मौत ने फिर पुलिसकर्मियों की कार्यशैली, दिनचर्या और स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग में शोक की लहर है। बीते कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ होता है कि कोविड काल के बाद पुलिस महकमे में अचानक मौतों के मामले तेजी से बढ़े हैं। कोई मॉर्निंग वॉक करते समय गिरा, कोई घर पर आराम के दौरान तो किसी की ड्यूटी के बीच जान चली गई।

कोविड के बाद बढ़ा खतरा, समय पर जांच जरूरी

चिकित्सकों के अनुसार कोविड संक्रमण के बाद कई लोगों में हृदय संबंधी जटिलताएं सामने आ रही हैं। अचानक हार्ट अटैक के मामलों में यही एक बड़ा कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित आहार और लक्षणों को हल्के में न लेना अब बेहद जरूरी हो गया है। पुलिस विभाग में भी समय-समय पर हेल्थ स्क्रीनिंग और जागरूकता कार्यक्रमों की जरूरत महसूस की जा रही है।

पुलिस महकमे में कार्डियक अरेस्ट/हार्ट अटैक से मौतें

12 सितंबर 2025: जालोर में भाद्राजून थानाधिकारी महेंद्र सिंह खींची का एम्स में इलाज के दौरान निधन।
जनवरी 2025: उप निरीक्षक करणी सिंह की मॉर्निंग वॉक करते समय मौत।
21 अगस्त 2024: निरीक्षक अमित सिहाग की घर पर ही कार्डियक अरेस्ट से जान चली गई।
10 जनवरी 2026: कांस्टेबल रावल सिंह की दईजर स्थित ग्रामीण पुलिस लाइन के आवासीय क्वार्टर में मौत।
अप्रैल 2018: उप निरीक्षक महेंद्र चौधरी की पावटा सर्कल के पास ड्यूटी के दौरान मृत्यु।

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कोविड के बाद ऐसा कई लोगों के साथ हो रहा है। किसी की जिम में अचानक मौत हो रही है तो कोई पार्क में खड़े-खड़े गिर रहा है। पुलिस में काम के दबाव जैसा मामला कुछ नहीं है।

  • राजेंद्र दिवाकर, सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

हमारी ओपीडी में तो पुलिस के इतने केस नहीं बढ़े हैं, फिर भी काम का अधिक तनाव और कड़ाके की सर्दी में लंबी ड्यूटी भी कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकती है। पुलिसकर्मियों को स्ट्रेस मैनेजमेंट के साथ अपने खान-पान पर भी ध्यान देना चाहिए।

  • डॉ. रोहित माथुर, कार्डियोलॉजिस्ट, एमडीएम अस्पताल

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