दौसा. बांदीकुई. बसवा रोड़ धौलीगुमटी स्थित जीएसएस पर उच्च क्षमता का एक पाॅवर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जा रहा है। जिससे ओवरलोड के चलते बिजली बाधित होने की समस्या से आमजन सहित किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। बांदीकुई जीएसएस में अभी फिलहाल दो 25-25 एमवीएम के पावर ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। जिनमें से एक 25 एमवीएम के ट्रांसफार्मर को डिस्मेंटल करके 50 एमवीएम का ट्रांसफार्मर जीएसएस में स्थापित किया जाएगा। जीएसएस में कुल 75 एमवीएम की क्षमता वाले पावर ट्रांसफार्मर होंगे। जिनसे शहर सहित ग्रामीणों अंचल के करीब 45 हजार उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा। सूत्रों के अनुसार पूर्व में लगे ट्रांसफार्मर पर ओवरलोड होने से ग्रामीण अंचल व शहरी क्षेत्रों में आंशिक रूप से विधुत व्यवधान हो रहा था। इससे क्षेत्र में बिजली से संबंधित शिकायतों में काफी हद तक कमी आ सकेगी। औधोगिक इकाइयों को भी लाभ मिलेगा।
डिवाइडर तोड़कर निकाला, 15 दिन बाद पहुंचा जीएसएस पाॅवर ट्रांसफार्मर
50 एमवीएम के ट्रांसफार्मर को जीएसएस तक पहुंचाने के लिए सुलभ रास्ता नहीं मिल पाने के कारण वह करीब 15 दिनों से शहर के विभिन्न जगहों पर खड़ा रहा। जिसको जीएसएस तक पहुंचाने के लिए निगम अधिकारियों ने खासी मशक्कत भी की। सोमवार देर रात 4 मीटर 47 सेंटीमीटर की ऊंचाई वाले पावर ट्रांसफार्मर को गुढा़ रोड़ दिल्ली फाटक पर बने डिवाइडरों को जेसीबी की सहायता से तोड़कर 4 मीटर 67 सेंटीमीटर की ऊंचाई वाले इलेक्ट्रिक हाईट गेज के नीचे से सावधानी पूर्वक निकालकर जीएसएस पहुंचाया गया। इसके 132 के.वी. जीएसएस के बाहर पहुंचने पर निगम कर्मियों ने राहत की सांस ली। जीएसएस एईएन राजकुमार कसाना ने बताया कि करीब 25 एमवीएम के एक पावर ट्रांसफार्मर को डिस्मेंटल करने में दो दिन का समय लगेगा। इसके बाद 50 एमवीएम के ट्रांसफार्मर को स्ट्रैक्चर पर रखने व केबिल बिछाने, असेम्बलिंग, कंट्रोल सिस्टम डवलप करने सहित अन्य कार्यों में अभी 15 दिन का समय ओर व्यतीत होगा।
किसानों को मिल सकेंगी दिन में भी विधुत सप्लाई
उच्च क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर लगने से किसानों को दिन में भी विधुत सप्लाई मिल सकेंगी। बसवा, प्रतापपुरा, आभानेरी, गुढा़कटला, भांवता, भोजवाडा़, बांदीकुई, बडियाल, नंदेरा, गुल्लाना, कौलाना, रीको, रेलवे, भांडेडा, पामाडी़, अरनिया, गुढ़लिया, ऊनबडा, खूंटला, समेल सहित अन्य गांव ढाणी में लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
इनका कहना है…
उच्च क्षमता का पाॅवर ट्रांसफार्मर लगने से अब ओवरलोड की समस्या से निजात मिलेगी। साथ ही किसानों को दिन में बिजली दी जा सकेगी। पिछले साल 50 मेगावाट एम्पीयर पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता पर ओवरलोड सिस्टम हो गया था। अब 75 मेगावॉट एम्पीयर की क्षमता के ट्रांसफार्मर जीएसएस पर होंगें।
राजकुमार कसाना
एईएन जीएसएस धौलीगुमटी