20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Video: श्रीराम जानकीधाम के पाटोत्सव में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

लालसोट के निर्झरना गांव में समापन आज

2 min read
Google source verification
श्रीराम जानकीधाम

लालसोट. निर्झरना गांव स्थित श्रीराम जानकीधाम के द्वितीय पाटोत्सव के दूसरे दिन आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। संत अवधेशदास के सानिध्य में आयोजित महाआरती व महाप्र्रसादी के साथ समापन सोमवार को होगा। आयोजन के दूसरे दिन श्रीराम जानकी धाम पर की गई सजावट श्रद्धालुओं के खास आकर्षण का केंद्र रही। हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंंचकर श्रीराम व माता जानकी की प्रतिमा के दर्शन कर मनोतियां भी मांगी। कन्हैया पद दंगल में आसपास के गांवों से हजारों ग्रामीण पहुंचे।

महरिया की नाथूलाल मीना, झाड़ोदा की कमलेश एंड पार्टी एवं सिरसाली की भैरव मंडल के कलाकारों ने धार्मिक प्रसंगों पर आधारित रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री जसकौर मीना ने कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में समरसता की भावना को और अधिक बढ़ावा मिलता है। समारोह में पालिका अध्यक्ष जगदीश सैनी, सेवानिृवत आईएएस बीएम. मीना, चंदर मीना, रेवड़मल घनश्याम जोशी, रामप्रसाद मीना, सुदीप मिश्रा, रामसिंह मीना, पंचायत समिति सदस्य चिरंजीलाल त्रिवेदी, सियाराम शर्मा, श्यामसुंदर शर्मा, प्रकाश शर्मा समेत कई जने मौजूद थे। इस दौरान मंदिर परिसर के आस पास सजी दुकानों पर भी दिनभर ग्राहकों की भीड़ रही।

रात को कलाकारों ने कृष्ण सुदामा चरित्र पर नाटक का मंचन किया। संत अवधेशदास ने बताया कि सोमवार को पाटोत्सव के समापन पर सुबह आठ बजे हवन पूजा, नौ बजे अभिषेक शृंगार, दोपहर एक बजे पूर्णाहूति व महाप्रसादी, शाम छह बजे मनोकामना दीप एवं महाआरती का आयोजन होगा।(नि.प्र.)


महुवा. सांथा गांव स्थित हनुमान मंदिर पर हो रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान रविवार को कथावाचक ने कृष्ण-सुदामा प्रसंग का सजीव मंचन किया। उनके निस्वार्थ प्रेम की कथा सुनाई। समापन मंगलवार को पूर्णाहुति व भंडारे के साथ होगा।


दुब्बी. कस्बे के नले वाले बालाजी के मन्दिर पर रविवार को दो दिवसीय सत्संग का आयोजन हुआ। इसमें गिरधरपुरा आश्रम के संत ओमचेतन ने कहा कि मनुष्य जीवन बार-बार सत्संग सुनने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। मेहन्दीपुर बालाजी आश्रम की मीरा बाई ने भी प्रवचन दिए।