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बिजली चोरी ऊपर से सीना जोरी

बांदीकुई. पुलिस थाने के सरकारी आवासों में कई वर्षों से हो रही बिजली चोरी को रोकने गए विद्युत निगम के सहायक अभियंता को पुलिस ने एक घंटे थाने में बिठा कर वाहन बंद कर दिए। इधर निगम ने भी पुलिस के विरोध में शहर एवं ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति ठप कर विरोध जताया।

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Gaurav Kumar Khandelwal

Jun 22, 2017

Sick Jori from the power stealing

Sick Jori from the power stealing

बांदीकुई. पुलिस थाने के सरकारी आवासों में कई वर्षों से हो रही बिजली चोरी को रोकने गए विद्युत निगम के सहायक अभियंता को पुलिस ने एक घंटे थाने में बिठा कर वाहन बंद कर दिए। इधर निगम ने भी पुलिस के विरोध में शहर एवं ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति ठप कर विरोध जताया। देर रात समाचार लिखे जाने तक पूरा शहर अंधेरे में ही डूबा रहा। निगमकर्मियों ने नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार शाम 5 बजे सहायक अभियंता अनीश शिमवोल के नेतृत्व में निगमकर्मी थाने में डिफेक्टिव मीटरों को बदलने के लिए गए थे। जहां आवासों में अवैध रूप से बिजली चोरी होना पाया गया। इस पर निगमकर्मियों ने खंभे से आवासों का बिजली कनेक्शन काट दिया, तो पुलिसकर्मी भी रौब में आ गए। पुलिसकर्मियों ने कहा कि बिना अनुमति के निगमकर्मी थाना परिसर एवं उनके आवासों पर नहीं जा सकते।

इस पर सहायक अभियंता ने कहा कि यदि कहीं चोरी हो रही है, तो वहां बिना सूचना के कार्रवाई का नियम है। इस पर पुलिसकर्मी व निगमकर्मियों के बीच कहासुनी हो गई और पुलिस ने सभी निगमकर्मियों को बाहर निकाल दिया। वहीं निगम की ओर से थाने के डिफेक्टिव मीटर को हटा कर दूसरा मीटर बाहर दीवार पर लगा दिया।

पुलिस भी थाने के बाहर खड़ी निगम की जीप व लोडिंग वाहन को थाने में ले गई। जहां सहायक अभियंता व थानाधिकारी के बीच जमकर हॉक-टॉक हुई। करीब एक घण्टे तक एईएन को पुलिस ने थाने में बिठाए रखा। पुलिस ने सहायक अभियंता से कार्रवाई किए जाने के आदेश की कॉपी मांगी। इस पर निगमकर्मियों ने आदेश की कॉपी ले जाकर थाने दी, लेकिन सहायक अभियंता को बिठाए रखने पर कर्मचारियों ने प्रतापपुरा, आभानेरी, बडिय़ालकलां सहित बांदीकुई क्षेत्र में कार्यरत सभी तकनीकी कर्मचारियों को सिकंदरा रोड निगम कार्यालय में बुला लिया।

जहां एईएन को छोडऩे की मांग को लेकर नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। शाम करीब 6 बजे गुल हुई बिजली देर रात तक सुचारू नहीं हुई। इससे पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। वहीं थाना एवं आवासों में भी अंधेरा छा गया। कार्रवाई के दौरान थाने के बाहर लोगों की काफी संख्या में भीड़ एकत्रित हो गई। इसके चलते कुछ देर तक आवागमन भी बाधित रहा। इस दौरान पुलिस ने मीडियाकर्मियों के कैमरे भी छीनने का प्रयास किया।

21 आवासों में हो रही थी बिजली चोरी

सहायक अभियंता ने बताया कि थाने के 21 आवासों में अवैध रूप से बिजली चोरी की जा रही थी। एक भी आवास में कनेक्शन नहीं है। थाना पुलिस लाखों रुपए प्रतिमाह की बिजली चोरी कर रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में 15 जून को थाना प्रभारी को पत्र लिख कर आवासों में मीटर लगवाने के लिए भी कहा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने बताया कि 6 फरवरी 1999 तक पीएसआई के नाम से कनेक्शन था, लेकिन इसके बाद 21 हजार 617 रुपए का बिल बकाया होने पर कनेक्शन काट दिया गया और अभी तक राशि भी जमा नहीं कराई गई।पुलिस थाना कार्यालय, पुलिस वृत्ताधिकारी एवं आवास के नाम से मात्र तीन कनेक्शन ही चालू । शेष सभी में चोरी से बिजली काम आ रही है।

धमका कर थाने में बिठा लिया

सहायक अभियंता ने बताया कि थाने में बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई करने पर पुलिस ने उन्हें धमकाया और करीब एक घण्टे तक थाने में बिठाए रखा। इसी बीच शहर में फॉल्ट आ गया, लेकिन वाहन नहीं होने के कारण निगमकर्मी मौके पर नहीं पहुंच सके। सप्लाई किसी ने भी बंद नहीं की।

सुनियोजित की गई है कार्रवाई

थाना प्रभारी निरंजनपालसिंह ने बताया कि हमने आवासों में बिजली कनेक्शन के लिए फाइल लगा रखी है। जिसका एस्टीमेट भी निगम ने बना कर दे रखा है। बिना सूचना व नोटिस दिए यह कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है।

निगमकर्मियों से पूछने पर बताया कि पुलिस उनके वाहनों के चालान करती है, तो फिर हम भी आपके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। निगम की ओर से सुनियोजित तरीके से यह कार्रवाई की गई है।