
The famine relief were wheat-dealer Khurd Burd
बांदीकुई. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सरिता नौसाद ने अकाल राहत के गेहूं का दुरुपयोग करने के मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को एक राशन डीलर को दो वर्ष के साधारण कारावास एवं पांच हजार रुपए अर्थदण्ड किया है। सहायक अभियोजन अधिकारी रामबाबू मीना ने बताया कि 7 दिसंबर 2005 को प्रवर्तन निरीक्षक सुरेशचंद मीना ने बैजूपाड़ा राशन की दुकान का निरीक्षण किया था। जहां दिसम्बर 2004 सेे अगस्त 2005 तक की अवधि में अकाल राहत के लिए करीब 3 हजर 771 क्विंटल गेहूं आवंटित हुआ था। निरीक्षण में करीब 1 हजार 740 क्विंटल गेहंू खुर्द-बुर्द एवं दुरुपयोग करना पाया गया।
इस मामले में प्रवर्तन निरीक्षक ने बांदीकुई थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने 29 जून 2006 में डीलर के खिलाफ न्यायालय में रिपोर्ट पेश की। इस पर न्यायिक अधिकारी ने मामले की सुनवाई करते हुए राशन डीलर विश्राम मीणा को सजा सुनाई है। (नि.सं.)
Published on:
31 Jan 2017 09:14 pm
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