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किसान पर मौसम की मार: अंधड़ से उड़े टिन-टप्पर, बारिश ने भिगोई फसल

खेत-खलिहान में रखी फसल भीगी

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किसान पर मौसम की मार: अंधड़ से उड़े टिन-टप्पर, बारिश ने भिगोई फसल

लालसोट के राहुवास क्षेत्र में बारिश में भीगी गेहूं की कटी हुई फसल।

दौसा. जिले में पिछले कई दिनों से बदल रहे मौसम के मिजाज ने किसानों के होश उड़ा दिए। दोपहर करीब पौने दो बजे से ही आकाश में तेज हवा चलना शुरू हो गया। करीब पांच बजे आकाश में बादलों की काली पीली घटाओं में से पहले तो तेज अंधड़ आया और फिर बारिश शुरू हो गई। इससे किसानों के खेतों में फसलों को भिगो कर रख दिया। वहीं अंधड़ से कई जगह पेड़ उखड़ गए तो कई जगह टहनियां टूट गई। लोगों के टिन-टप्पर भी उड़ गए। पक्षियों के आशियाने तबाह हो गए।
जब तेज हवा के साथ अंधड़ आना शुरू हुआ, तभी से किसानों ने अपने खेतों में फसलों को समेटने के लिए डेरा डाल दिया। शाम को किसान अपने खेतों में कोई फसल काट रहा था तो कोई फसलों को खलिहानों में रख ही रहा था कि अचानक पश्चिम की ओर बादलों की घटा छाना शुरू हो गया। इस बीच पहले तो तेज हवा शुरू हुई, बाद में अंधड़ के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया।
किसान रामकिशन ने बताया कि उन्होंने बड़ी मेहनत से रात में सर्दियों में फसलों में पानी भराया था, जिसको तेज हवा के साथ आई बारिश ने चौपट कर दिया। इन दिनों किसानों के खेतों में कहीं पर खेतों में फसलों को खेतों में सूखने के लिए रख रखा था तो कहीं पर थ्रेसरों से निकलवाने के लिए खलिहानों में रख रखा था। इधर गेहूं एवं जौ की फसलों की बम्पर पैदावार हुई है, इस वक्त कटाई चल रही है। बारिश से खेतों में कटी पड़ी फसल भीगने से फसलों में काफी नुकसान हो गया है।


अन्नदाता पर मौसम की मार, तैयार फसल व जिंस भीगा
लालसोट. शहर समेत ग्रामीण इलाकों व रामगढ़ पचवारा क्षेत्र में फिर मौसम का मिजाज पलट गया। आसमान पर काली घटा छा गई और दिन में ही अंधेरा हो गया। शाम करीब साढ़े चार बजे तेज हवाओं के बारिश का क्रम का शुरू हो गया, जो करीब आधा घंटे तक चला। इस इस दौरान एक-दो बार चने के आकार के समान ओले भी गिरे। बारिश व अधंड़ के चलते ग्रामीण इलाकों में खेतों में खड़ी गेहंू की फसल को सर्वाधिक नुकसान पहुंचा। फसल खेतों में आड़ी गिर गई तथा कटाई के बाद रखी फसल भी भीग गई है। दूसरी ओर लालसोट कृषि उपज मंडी में जिंस लेकर पहुंचे किसानों को भी मौसम की मार झेलनी पड़ी है। मंडी में खुले आसमान के तले रखी किसानों की जिंस बारिश में भीग गई। इससे किसानों के चेहरों पर मायूसी नजर आई। बारिश होते ही मंडी में अफरातफरी मच गई और खुली ढेरियों पर तिरपाल ढंक कर जिंसों को बचाने के प्रयास किए गए। कट्टों में मौजूद जिंस भी बारिश में भीग गई। बारिश रुकने के बाद कई किसान अपनी जिंसों को समेटते नजर आए।