
Winter In Rajasthan: गुलाबी सर्दी की दस्तक के साथ ही दिन व रात के तापमान में गिरावट आई हैं। सुबह लोग गुलाबी सर्दी को महसूस कर रहे हैं, वहीं रात को पंखे की हवा भी अब ठंडी देने लगी हैं। तापमान में हल्की गिरावट के साथ लोगों ने चादर व कंबल बाहर निकाल लिए हैं। सुबह और रात को वृद्ध और बच्चे ऊनी कपडे़ पहने भी नजर आ रहे हैं। हालांकि दोपहर में धूप में गर्मी का अहसास होने लगता हैं।
दुकानों पर ग्राहकों की भीड़
सर्दी की आहट के साथ ही रजाई-गद्दे की भराई व बुनाई का कार्य करने वाले लोगों ने अपना कार्य शुरू कर दिया हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर रजाई-गद्दों की बुनाई, भराई व धुनाई का कार्य करते व्यापारी व मजदूर दिखाई पड हैं। ऐसे में अब खरीद के लिए भी इन दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ भी देखी जा सकती हैं, लेकिन इस बार रजाई गद्दों के दामों मे भारी उछाल हैं।
गुढा़ रोड स्थित व्यवसायी अब्दुल अजीज ने बताया कि वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ बीते 23 वर्षों से यह कार्य करते आ रहे हैं और हर वर्ष की भांति अक्टूबर माह से ही गुढा़कटला रोड पर रूई की धुनाई की मशीन लगाते है। फरवरी माह तक वे यह व्यवसाय संचालित करते हैं। उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन करीब 7 से 9 रजाई व गद्दों की भराई व बुनाई कर देते हैं। इस समय रूई का भाव बीते सालों से काफी अधिक हैं।
महंगाई की मार, रजाई-गद्दों के बढे़ दाम....
व्यापारियों के बताए अनुसार हर वर्ष सिकंदरा, राहुवास और किशनगढ़ की रजाई की मांग अधिक रही हैं, लेकिन महंगाई के बीच इनके दाम भी बहुत अधिक हो गए हैं। रजाई के अस्तर की कीमत 300 से 340 के बीच है। ग्राहक को एक जोडी़ रजाई गद्दे तैयार कराने में करीब 1900 से रुपए का खर्चा आता हैं, वहीं रूई के दाम भी 200 रुपए किलो के पार पहुंच गए हैं। जो कि लगातार बढ़ रहे ह़ैं।
मेहनत के अनुरूप नहीं मिल पा रही मजदूरी...
व्यापारी अब्दुल अजीज का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई का सीधा असर उनके व्यापार पर भी देखने को मिल रहा हैं। बीते कई वर्षों वे रजाई-गद्दे की बुनाई के काम की मजदूरी महज 150 रुपए ही ले रहे हैं। जिनमें धागे के दाम भी 20 रुपए प्रतिकिलो बढ़ गए हैं। जिसमे रजाई- गद्दों की भुनाई से लेकर तैयार करने की मजदूरी 150 रुपए हैं। एक व्यक्ति पूरे दिन भर में पांच रजाई गद्दे तैयार कर पाता हैं, लेकिन मेहनत के अनुरूप मजदूरी भी नहीं निकल पा रही हैं। इस कारण अब धीरे- धीरे व्यवसाय को भी बढा़ दिया गया हैं। रजाई, गद्दे, तकिये की खोलियां भी बेचना शुरू कर दिया हैं।
कोरोना काल के बाद मिलने लगे टैंट हाऊस के आर्डर...
गुलाबी सर्दी की दस्तक के साथ ही राजबाजार, हाई स्कूल चौक, स्टेशन रोड, गुढा़ रोड, बसवा रोड, सिकंदरा रोड पर रूई की धुनाई की मशीनें लगाई जा रही हैं। इन पर महिला व पुरुष रजाई गद्दों की बुनाई करते नजर आते हैं। इन दिनों शादी समारोह कार्यक्रम के चलते अच्छे आर्डर मिल रहे हैंं, वहीं अब कोरोना काल के बाद अब शादी समारोह व धार्मिक कार्यक्रमों पर से पाबंदियां हटने के बीच टैंट हाऊस वालो की भी बुकिंग मिल रही हैं। इसके चलते मजदूर कार्य में जुटे हुए हैं।
Published on:
08 Nov 2022 02:02 pm
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