दौसा जिले में भले ही संख्या में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से कम हो, लेकिन वोट डालने में महिलाओं के जज्बे के आगे पुरुष पिछड़ गए। आधी आबादी ने लोकतंत्र के महायज्ञ में आहुतियां देने में जमकर भागीदारी निभाई है। जिले में पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत 74.29 प्रतिशत रहा, जबकि महिलाओं ने अपने मतों का 76.46 प्रतिशत मतदान किया। यानि वोट डालने पुरुषों से में महिलाएं .17 प्रतिशत आगे रही हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में 12 लाख 2 हजार 540 मतदाताओं में 6 लाख 38 हजार 28 पुरुष व 5 लाख 64 हजार 507 महिला मतदाता हैं। अब यदि मत डालने की बात आती है तो इनमें से पुरुष मतदताओं ने 4 लाख 74 हजार 1 ने वोट डाले जो 74.29 प्रतिशत है। जबकि महिलाओं ने अपने मतों में से 4 लाख 20 हजार 312 वोट डाले। जो महिला मतदाताओं के कुल मतदाताओं का 74.46 प्रतिशत है।
यहां इतनी महिलाओं ने डाले वोट
जिले की महुवा सीट में 73 हजार 442, बांदीकुई में 84 हजार 662, सिकराय में 85 हजार 972, लालसोट में 91 हजार 713 व दौसा में 84 हजार 523 महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
… दौसा व लालसोट में पीछे रही
जिले में विधानसभा सीटों पर महिला-पुरुष मतदान प्रतिशत के आंकड़ों में सिर्फ दौसा व लालसोट सीट पर महिलाएं पीछे रही हैं। सर्वाधिक बांदीकुई विधानसभा सीट सीट पर महिलाओं ने अपने मतों का 80.89 प्रतिशत मतदान किया, जबकि पुरुषों ने अपने मतों का 79.54 प्रतिशत मतदान किया। इसी प्रकार महुवा में महिलाओं ने अपने मतों का 71.73 जबकि पुरुषों ने 71.48, सिकराय में महिलाओं ने 69.86 व पुरुषों ने 68.57 प्रतिशत वोट डाले। दौसा में 74.82 पुरुष तथा 73.51 महिलाओं ने वोटिंग की। लालसोट में 77.60 पुरुष व 76.79 महिलाओं का मतदान प्रतिशत रहा।
2018 के चुनाव में भी रही थी आगे
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भी पुरुष मतदाताओं की अपेक्षा महिला मतदाताओं ने ज्यादा जोश दिखाया था। तब 10 लाख 81 हजार 809 मतदाताओं में से 75.31 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया था। तब महिला मतदान प्रतिशत 75.96 तथा पुरुषों का प्रतिशत 74.74 रहा था। 2018 में जिले की पांचों विधानसभा में मतदान में महिलाओं का प्रतिशत पुरुषों की अपेक्षा अधिक था।
5 में से 4 ट्रांसजेंडर ने वोट डाले
जिले में महुवा और लालसोट में 2-2 तथा बांदीकुई में 1 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। इनमें से लालसोट में एक ट्रांसजेंडर ने वोट नहीं डाला, शेष चार ने वोटिंग की।