10 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बर्खास्त होंगे 134 इंजीनियर, प्रमुख अभियंता ने जारी किया नोटिस, उत्तराखंड में मचा हड़कंप, जानें वजह

Preparation For Big Action : प्रमुख अभियंता ने सिंचाई विभाग ने 134 इंजीनियरों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इन इंजीनियरों की सेवा समाप्त करने के लिए उन्हें नोटिस जारी कर दिए गए हैं। उसके बाद इन सभी 134 इंजीनियरों को कार्यमुक्त कर दिया जाएगा। विभाग की इस बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।

2 min read
Google source verification
The Irrigation Department in Uttarakhand has issued termination notices to 134 engineers

डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल के कारण उत्तराखंड में कई विकास कार्य बाधित हो रहे हैं

Preparation For Big Action :  प्रदेश में 134 इंजीनियरों पर सेवा समाप्ति की तलवार लटक चुकी है। बता दें  कि उत्तराखंड में सिंचाई विभाग के डिप्लोमा इंजीनियर विभिन्न मांगों को लेकर बीते 23 मार्च से हड़ताल पर हैं। इनमें मैकेनिकल के 60 जबकि सिविल शाखा के 74 कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। हड़ताल के कारण विभागीय कार्य लगभग ठप हो चुके हैं। इससे विकास कार्यों पर गहरा असर पड़ रहा है। निर्माणाधीन कार्य पूरे नहीं होने से अफसरों पर भारी दबाव पड़ रहा है। इसी को देखते हुए अब प्रमुख अभियंता सुभाष चंद्र ने हड़ताल पर चल रहे सभी 134 इंजीनियरों को नोटिस जारी कर दिए हैं। नोटिस के माध्यम से इन इंजीनियरों को सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई है।

अनुशासनहीनता पर सख्त रुख

 उत्तराखंड में हड़ताल के कारण सिंचाई विभाग की महत्वपूर्ण परियोजनाओं के काम ठप हैं। विभाग ने इसे राजकीय हित के विपरीत और अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना है। विशेष रूप से उन अभियंताओं को कड़ा नोटिस दिया गया, जिनकी नियुक्ति सितंबर 2024 में हुई थी। वह दो साल की परिवीक्षा अवधि पर चल रहे हैं। सिंचाई विभाग का कहना है कि हड़ताल में शामिल होना राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी को देखते हुए विभाग इंजीनियरों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।

महासंघ में हड़कंप

अभियंताओं की हड़ताल से विभागीय कार्य ठप हो चुके हैं। प्रमुख अभियंता सुभाष चंद्र की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट रूप से पूछा गया है कि क्यों न उनकी परिवीक्षा अवधि खत्म करते हुए सेवाएं समाप्त की जाएं? विभाग ने सभी इंजीनियरों को निर्देशित किया है कि वे अपना स्पष्टीकरण तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इससे अब डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ में भी हड़कंप की स्थिति है।

पेयजल के काम ठप

उत्तराखंड में डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की हड़ताल से पेयजल निगम के कामों पर भी असर पड़ने लगा है। जल निगम के अधिशासी अभियंताओं ने उच्च स्तर पर हड़ताल के प्रभाव की जानकारी दी है। साफ किया है कि यदि हड़ताल और आगे बढ़ी तो सप्लाई पर असर पड़ेगा। जल निगम की कई योजनाएं अभी जल संस्थान को हैंडओवर नहीं हैं। इन योजनाओं के संचालन का जिम्मा जिन डिप्लोमा इंजीनियरों पर है, वे इन दिनों हड़ताल पर चल रहे हैं।