2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जन्माष्टमी पर कृष्ण मुहूर्त में जन्मी बच्ची, परिवार में खुशी की लहर

कहते हैं कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जन्म लेने वाले बच्चे भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप होते हैं। दून अस्पताल प्रबंधन ने सूचना जारी करते हुए बताया कि उनके यहां शुक्रवार मध्य रात्रि 12 बजे एक बच्ची ने जन्म लिया है।

less than 1 minute read
Google source verification

Mother and Baby (Image Source: Freepik)

जन्माष्टमी के पावन अवसर पर देहरादून के अस्पतालों में खुशियों का माहौल रहा। यहां कई शिशुओं ने भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के शुभ मुहूर्त में जन्म लिया। दून अस्पताल में एक बच्ची ने ठीक मध्यरात्रि 12 बजे जन्म लिया, जिसे 'कृष्ण मुहूर्त' माना जाता है। इस शुभ घड़ी में बच्ची के जन्म से परिवार और अस्पताल दोनों में खुशी की लहर दौड़ गई।

दून और कोरोनेशन अस्पताल में गूंजी किलकारियां

जन्माष्टमी के मौके पर दून अस्पताल में कुल सात बच्चों ने जन्म लिया। मध्यरात्रि 12 बजे के बाद, डेढ़ बजे और उसके बाद अलग-अलग समय पर अन्य बच्चों का जन्म हुआ। वहीं, कोरोनेशन अस्पताल में भी छह बच्चों ने जन्म लिया, जिसमें से पहला शिशु देर रात 1:56 बजे पैदा हुआ।

अस्पताल ने बच्चों के अभिभावकों को विशेष बधाई दी

दून अस्पताल के एमएस डॉ. आरएस बिष्ट ने बताया कि कृष्ण मुहूर्त में जन्म लेने वाले बच्चों के अभिभावकों को विशेष बधाई दी गई है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि जन्माष्टमी पर जन्म लेने वाले बच्चे भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप होते हैं।

कोरोनेशन अस्पताल की वरिष्ठ प्रसूति रोग विशेषज्ञ ने बताया कि कई गर्भवती महिलाएं चाहती हैं कि उनका बच्चा जन्माष्टमी के दिन ही पैदा हो और इसके लिए वे कई बार सर्जरी भी कराती हैं, लेकिन इस बार ऐसा कोई मामला नहीं आया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने भी सभी बच्चों और उनके परिवारों को बधाई दी।