
विद्युत नियामक आयोग ने सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है
Strict Guidelines : बिजली उपभोक्ताओं को होनी वाली परेशानी का खामियाजा अब न केवल छोटे कर्मचारी बल्कि एमडी स्तर के अफसरों को भी भुगतना पड़ेगा। बिजली उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानी, विद्युत नियामक आयोग के निर्देशों का पालन न करने पर अब एमडी, निदेशक स्तर के अफसर भी कार्रवाई की जद में आएंगे। विद्युत नियामक आयोग ने इसके लिए सख्त गाइड जारी की है। अब अफसरों को न सिर्फ नोटिस जारी होंगे, बल्कि जुर्माना भी लगेगा। विद्युत नियामक आयोग लंबे समय से ऊर्जा के तीनों निगमों के मैनेजमेंट को सख्ती से आदेशों का पालन करने के आदेश जारी करता रहा है। आयोग के इन आदेशों को कभी भी निगमों ने गंभीरता से नहीं लिया है। अब इस लापरवाही पर नोटिस सीधे एमडी और निदेशकों को जारी होंगे। उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई को तलब किया जाएगा। इस दायरे में एमडी समेत निदेशक ऑपरेशन, निदेशक प्रोजेक्ट, निदेशक वित्त समेत निदेशक मानव संसाधन, अधिशासी निदेशक एचआर तक आएंगे। मामले में आयोग ने साफ किया कि बिजली उपभोक्ताओं की सुविधाओं को सुनश्चिति करने को सख्ती बरती जाएगी।
उत्तराखंड में ऊर्जा निगम में आए दिन लापरवाहियां देखने को मिलती हैं। इसका खामियाजा उपभाक्ताओं को भुगतना पड़ता रहता है। इधर, विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद के मुताबिक बिजली उपभोक्ताओं की सुविधाओं को सुनश्चिति करना यूपीसीएल समेत सभी निगमों का काम है। उपभोक्ताओं की तय सुविधा में व्यवधान न आए, ये सुनश्चिति कराना निगमों का काम है। लापरवाही पर जुर्माना लगेगा।
बिजली को लेकर उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में लोगों को तमाम दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। पर्वतीय इलाकों में अधिकांश बिजली लाइनें जंगलों से होकर गुजरती हैं। हवा का झोंका चलने पर भी लाइनों में पेड़ या टहनियां गिर जाती हैं। इसके कारण बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। कई बार पर्वतीय इलाकों में दो-दो दिन तक भी बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाती हैं। स्टाफ की कमी से जूझ रहे ऊर्जा निगम के अफसर ऐसी स्थितियों में बेवश हो जाते हैं। इससे उपभोक्ताओं को तमाम परेशानियां उठानी पड़ती हैं। गाइडलाइन जारी होने के बाद अब स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
Published on:
28 Mar 2026 07:48 am
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