
उत्तराखंड की पंचायतें बनी मिसाल, राज्य की झोली में आए यह 8 बड़े पुरस्कार
(देहरादून): नई दिल्ली में बुधवार को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2019 के तहत उत्तराखंड के एक जिला पंचायत, दो क्षेत्र पंचायत और चार ग्राम पंचायतों को दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार 2019 से सम्मानित किया गया। इसके अलावा नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार-2019 भी उत्तराखंड को ही मिला है। साथ ही चाइल्ड फ्रेंडली ग्राम पंचायत पुरस्कार भी उत्तराखंड को मिला है। इस तरह से उत्तराखंड को बुधवार के दिन कुल 9 पुरस्कार दिए गए। यह सम्मान केंद्रीय पंचायतीराज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दिए।
इन्हें मिला पुरस्कार
जिला पंचायत पुरस्कार ऊधम सिंह नगर,क्षेत्र पंचायतों में टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर और चमोली जनपद के पोखरी और ग्राम पंचायतों में पिथौरागढ़ जनपद की किशौली,उत्तरकाशी नौगांव ब्लाक के धारी,देहरादून के कालसी ब्लॉक के बमराड ग्राम पंचायत को यह पुरस्कार दिया गया है। जबकि नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार -2019 देहरादून के कालसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत नेबी को दिया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय पुरस्कार के अंतर्गत ही पहली बार चाइल्ड फ्रेंडली ग्राम पंचायत पुरस्कार भी उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद के बहादराबाद ब्लाक टिहरी डोब नगर ग्राम पंचायत को दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार गांवों के चहुंमुखी विकास होने पर दिया जाता है। जिसके अंतर्गत शिक्षा, पानी, सुगम यातायात और संचार व्यवस्थाओं पर सबसे ज्यादा फोकस होता है। इसके इतर नानाजी देशमुख सम्मान स्वच्छता पर सबसे ज्यादा फोकस होता है। चाइल्ड फ्रेंडली पुरस्कार के अंतर्गत बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य को दिया जाता है। विशेष रूप से कुपोषण मुक्त ग्राम पंचायतों को यह सम्मान दिया जाता है।
सर्वेक्षण के बाद हुआ चयन
इन पुरस्कारों के लिए वर्ष 2017—18 में केंद्र की ओर से एक सर्वेक्षण कराया गया था। उसके बाद केंद्र की टीम ने कई चक्र का दौरा किया। उसके बाद इनका चयन किया जाता है। दीनदयाल उपाध्याय ,नानाजी देशमुख और चाइल्ड फ्रेंडली पुरस्कार के तहत अलग-अलग धन राशि भी आवंटित की जाती है। करीब 25 करोड़ से 50करोड़ तक राशि पुरस्कार के अंतर्गत दी जाती है।
Published on:
23 Oct 2019 10:08 pm
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