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उत्तराखंड में बादल नहीं फटने का राज्य सरकार का दावा

उत्तराखंड सरकार ने दावा किया है कि प्रदेश में कहीं बादल नहीं फटा है। भारी बारिश की वजह से कई जनपदों में पानी भर गया है लेकिन चारधाम तथा मानसरोवर के यात्री कहीं भी नहीं फंसे हैं

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( अमर श्रीकांत की रिपोर्ट)
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने दावा किया है कि प्रदेश में कहीं बादल नहीं फटा है। भारी बारिश की वजह से कई जनपदों में पानी भर गया है लेकिन चारधाम तथा मानसरोवर के यात्री कहीं भी नहीं फंसे हैं। आपदा प्रबंधन सचिव अमित सिंह नेगी ने सचिवालय में मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि अगले 24 घंटों तक सभी संवेदनशील जनपदों पर नजर रखी जाएगी। जल भराव से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। उन्हें ड्यूटी के लिए तत्पर रहने को कहा गया है। लगातार की भारी बारिश की वजह से आम जन परेशान हो गया है।


भारी बारिश से चार जनो की मौत


उत्तराखंड में भारी बारिश से चार लोगों की मौत हुई। मरने वालों में दो पुरुष एवं दो महिलाएं हैं। भारी बारिश की वजह से इस दौरान छोटे बड़े 10 पुल बह गए और 55 सड़क मार्ग बंद बंद हो गए है। वर्षा की वजह से सबसे ज्‍यादा खराब हालात पथौरागढ़, चमोली और ऊधम सिंह नगर जनपद का है। यहीं चारों जनो की मौते हुई हैं। उत्तराखंड के 13 जनपदों में से 8 जनपदों में बारिश की वजह से काफी नुकसान हुआ है। इन्‍हीं इलाकों में सर्वाधिक रास्‍ते बंद हुए हैं।


चारधाम और मानसरोवर यात्रा रोकने को कहा


मौसम विभाग ने राज्य सरकार से कहा है कि अगले 36 घंटे के लिए चारधाम और मानसरोवर यात्रा रोक दी जाए। यमुनोत्तरी और बद्रीनाथ रूट में भयंकर बारिश की वजह से सड़कें बंद हैं। यहां तक कि पैदल आवाजाही के रास्ते भी बंद पड़े हैं। मासरोवर रूट को भी मौसम विभाग ने बंद करने की सलाह दी है। मौसम विभाग का कहना है कि भूस्खलन से करीब 4 जनपदों में सड़कों पर मलबा आ गया, जिसको उठाने में काफी समय लगने की संभावना है।

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