
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक फोटो
Regularization:संविदा, दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों को नियमित करने के आदेश जारी हो गए हैं। दरअसल, उत्तराखंड में अस्थाई कर्मचारी लंबे समय से विनयमितिकरण की मांग पर मुखर थे। हाईकोर्ट भी कर्मचारियों को नियमित करने के आदेश जारी कर चुका है। बकायदा बीते दिनों हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दिसंबर में ही कर्मचारियों को नियमित करने के सख्त आदेश जारी किए थे। वहीं दूसरी ओर विनियमितिकरण की मांग पर कर्मचारियों का आंदोलन भी चल रहा था। हालांकि सरकार ने आश्वासन देकर कर्मचारियों का आंदोलन समाप्त करा दिया था। इधर, शुक्रवार रात शासन ने अस्थाई कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए उन्हें नियमित करने के आदेश जारी कर दिए। शर्तों के तहत 10 साल से विभागों में सेवाएं दे रहे अस्थाई कर्मचारियों को पक्का किया जाएगा। चार दिसंबर 2018 तक 10 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को नियमितीकरण का लाभ मिलेगा।
उत्तराखंड कार्मिक विभाग ने शुक्रवार को कार्मिकों का विनियमितीकरण (संशोधन) नियमावली-2025 जारी की। कार्मिक विभाग ने विनियमितीकरण नियमावली-2013 में संशोधन कर दिया है। इस संशोधन से पहले पांच साल की सेवा पूरी करने वाले दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक, तदर्थ रूप में काम कर रहे कर्मचारियों को नियमितीकरण का लाभ मिलता था। अब नियमावली में संशोधन कर दिया गया है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह निर्णय उन सभी कार्मिकों को न्याय देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिन्होंने वर्षों तक निरंतर सेवा देकर राज्य की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखा है। कहा कि हमारी सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और भविष्य में भी उनके कल्याण एवं सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाती रहेगी। इधर, कार्मिक सचिव शैलेश बगोली ने कहा कि सरकार की ओर से पहले ही संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर फैसला ले लिया गया था। अब कार्मिक विभाग की ओर से उसी अनुरूप संशोधित नियमितीकरण नियमावली 2025 को जारी कर दिया है।
Updated on:
06 Dec 2025 08:20 am
Published on:
06 Dec 2025 08:20 am
